तबादला रुकवाने की जुगत में लगे, कुछ नेताओं की शरण में
लखीमपुर खीरी। शासन के ड्रीम प्रोजेक्ट कमिश्नर प्रणाली में शासन ने जिले के 20 दरोगाओं का तबादला लखनऊ कर दिया है। तबादला सूची आते ही स्थानांतरित दरोगाओं में अफरातफरी मच गई है। जिससे कई दरोगा तबादला निरस्त कराने की जुगत में लग गए हैं। ऐसे में सभी दरोगाओं ने अफसरों की परिक्रमा कर सिफारिश लगवानी शुरू कर दी है।
नोएडा के साथ ही पहली बार लखनऊ में भी पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू हुई है। इसको लेकर अन्य जिलों के साथ लखीमपुर खीरी जिले से 20 दरोगाओं का लखनऊ तबादला कर दिया है। तबादले का आदेश आने के बाद से ही स्थानांतरित दरोगाओं में खलबली मच गई है। कई दरोगा सत्तापक्ष के नेताओं की शरण में पहुंच गए तो वहीं कुछ दरोगा अपने नजदीकी बड़े ओहदे पर बैठे अफसरों से तबादला रुकवाने की पैरवी कराने की जुगत में हैं। हालांकि प्रयासरत दरोगाओं की कोशिश सफल होती नहीं दिख रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो यह सभी दरोगा एक-दो दिन में रिलीव कर दिए जाएंगे।
इन दरोगाओं का हुआ तबादला
एसआई जयकरन सिंह भदौरिया, मनोज कुमार यादव, आशुतोष त्रिपाठी, अरविंद कुमार राय, कैलाश यादव, शिव कुमार सिंह, राजकुमार, आदित्यनाथ उपाध्याय, अवनेश कुमार, विशाल श्रीवास्तव, नीरज कुमार द्विेदी, उमाकांत ओझा, लालबहादुर, सुनील बाबू अवस्थी, रामवीर सिंह, राजेश कुमार शर्मा, दुर्वेश बाबू, प्रभात कुमार दीक्षित व गजेंद्र सिंह।
लखनऊ में रिक्त पदों पर 20 दरोगाओं का तबादला हुआ है। इन्हें शीघ्र ही जनपद से लखनऊ के लिए रवाना किया जाएगा।
-पूनम, एसपी