बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा रेंज में किसान को निवाला बनाने वाले बाघ की लोकेशन सातवें दिन भी नहीं मिल पाई है। वन विभाग ने बाघ प्रभावित क्षेत्र में कैमरों की संख्या बढ़ाकर एक जोड़ी से पांच जोड़ी कर दी गई है। बीच-बीच में ड्रोन से भी लोकेशन पता लगाने की कोशिश की जा रही है। बावजूद इसके बाघ कैमरों की जद में नहीं आ रहा है।
किशनपुर सेंक्चुरी और डीटीआर बफरजोन भीरा अंतर्गत खेत से चारा लेने गए बोझवा गांव निवासी किसान मटरूलाल को बाघ ने निवाला बनाया था। सात दिन पहले हुई इस घटना के बाद से वन विभाग की टीमें लगातार बाघ की लोकेशन पता करने में जुटी हैं। बावजूद इसके बाघ की लोकेशन नहीं मिली। वन विभाग ने ड्रोन उड़ाकर बाघ का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन ड्रोन भी फेल हो गया। वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में एक जोड़ी कैमरा लगाया, जिसमें बाघ की तस्वीर कैद न होने से कैैमरों की संख्या बढ़ाकर पांच जोड़ी कर दी गई। घटनास्थल के एक तरफ शारदा नदी किनारे लंबी झाड़ीनुमा घास तो दूसरी तरफ गन्ने की फसल खड़ी होने से बाघ की लोकेशन ट्रेस करने में वन विभाग को कड़ी मशक्त करनी पड़ रही है।
बाघ की लगातार निगरानी की जा रही है। अभी तक लोकेशन नहीं मिली है। कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है। ग्रामीणों से अपील है कि वे सतर्कता बरतें और घटनास्थल की ओर न जाएं।
डॉ. अनिल कुमार पटेल उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन।