लखीमपुर खीरी। दो अलग-अलग स्थानों पर बाघ ने गाय और बछड़े को निवाला बना लिया। भीखमपुर और ममरी में हुई घटनाओं से लोगों में दहशत है।
भीखमपुर। गांव रामपुर निवासी हरिश्चंद्र गुरुवार सुबह अपने गन्ने के खेत पर गया था। वहां उसे आधी खाई हुई गाय पड़ी मिली। अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। सूचना पर तमाम ग्रामीण और किसान लाठी लेकर के शोर मचाते हुए वहां पहुंचे। वनविभाग को सूचना दी, लेकिन वह नहीं पहुंची। इससे लोग आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची यूपी 112 पुलिस ने सभी को शांत कराया। सभी मौजूद किसानों को गन्ने के खेत के अंदर न जाने की हिदायत दी। लाही के खेत में बड़े और छोटे पगचिह्नों के निशान बने मिले, जिससे अंदाजा लगाया गया कि हो सकता है बाघिन और उसके शावक ने गाय को निवाला बनाया हो। वन विभाग आंवला बीट के फारेस्टर मतीन अहमद ने बताया कि टीम की दूसरे गांव में ड्यूटी लगी थी, इसलिए मौके पर नहीं पहुंच सके। वॉचर को भेजा था। उसने सभी किसानों खेतों में न जाने की सलाह दी है।
ममरी। बुधवार की शाम मोहम्मदी रेंज की देवीपुर बीट जंगल से चार किलोमीटर दूर नरसिंहपुर और हरगोविंदपुर गांव के बीच आ पहुंचे बाघ ने बछड़े पर हमला कर उसे अपना निवाला बना लिया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। बाघ के पगचिह्न मिलने की पुष्टि वन कर्मियों ने की है।
गुरुवार की सुबह लोग गन्ने की छिलाई करने जब खेतों की ओर गए तो बाघ के पगचिह्न और बछड़े का अधखाया शव पड़ा देख उनके होश उड़ गए, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वन कर्मियों को दी। फॉरेस्टर रामप्रसाद ने ग्रामीणों को सतर्कता बरतने को कहा है।