मझगईं। शुक्रवार की रात अस्थायी गोवंश आश्रय केंद्र के निकट स्थित मटैहिया घाट पर बाघ ने एक नीलगाय को मार डाला। वहां से करीब पांच किलोमीटर दूर बघइया गांव में बाघ ने गाय की बछिया पर हमला कर उसे भी मार डाला।
दो हमलों से आसपास के गांवों के ग्रामीणों में फिर से दहशत फैल गई है। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रही बाघ की आमद से ग्रामीण दहशत में हैं और डर के मारे अपने खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों ने खेतिहर इलाके में घूम रहे छुट्टा गोवंशों को बाघ और अन्य वन्यजीवों के आने का कारण बताया है।
ग्रामीणों ने छुट्टा गोवंशों को गोवंश आश्रय केंद्र में भिजवाने की मांग करते हुए बाघ से निजात दिलाने की बात कही है। इस बारे में मझगईं रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि बघइया गांव में बछिया पर हमला करने वाला बाघ नहीं तेंदुआ है। बाकी नीलगाय के मारे जाने की सूचना अभी नहीं मिली है। वनकर्मियों को भेजकर दिखवाया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों से सतर्कता बरतने को कहा गया है।