आठ दिसंबर को खीरी ब्रांच नहर में मिले बाघ के शव के बाद दुधवा नेशनल पार्क
के उपनिदेशक वीके सिंह ने बाघों की सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी किया
है। इस संबंध में पार्क और किशनपुर सेंक्च्युरी के अधिकारियों को सतर्कता
बरतने का निर्देश दिया गया है।
श्री सिंह ने बताया कि मैलानी रेंज के
प्रभागीय सुरक्षा दल के अधिकारी केएन गौतम, वीसी तिवारी, अंबर लाल और
बेलराया रेंजर मनोज शुक्ला के नेतृत्व में टीमें गठित कर बाघों की चौबीसों
घंटे निगरानी कराई जा रही है। साथ ही पार्क क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों
की सघन तलाशी कराई जा रही है।
चेते अफसर, रणनीति बनाने के लिए बैठक
बाघों की सुरक्षा को लेकर बरती गई लापरवाही और आठ दिसंबर को एक बाघ की मौत
का खमियाजा भुगतने के बाद वन महकमा हरकत में आ गया है। इसे लेकर साउथ
डिवीजन में हाई अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही बाघों की निगरानी को लेकर
दो-दो टीमें गठित की गईं हैं। इसमें से तीनों टीमें बाघ के संभावित स्थलों
की बारी-बारी से गश्त करेंगी। टीमों को आधुनिक शस्त्रों और वायरलेस सेट से
लैस किया गया है। डीएफओ साउथ नीरज कुमार और एसडीओ एसएन सिंह ने बैठक कर
सुरक्षा संबंधी रणनीति बनाई। मैलानी और गोला रेंज टीमों का नेतृत्व रेंजर
डीएस यादव और उमेश चंद्र राय करेंगे। बता दें कि वन अपराधों के दृष्टिकोण
से सर्दियों का मौसम काफी संवेदनशील होता है। नहर में मिले बाघ के शव से
नाखून निकाले जाने और पैर में चोट लगने के पोस्टमार्टम में खुलासे के बाद
शिकारियों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता।