हाथियों ने रौंदी धान की फसल। स्रोत : वन विभाग।
मझगईं/बांकेगंज/बिजुआ। जिले में बाघ, हाथी और तेंदुए की गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गुनाखर टांडा में बाघ ने सांड़ का शिकार कर दिया, पटिहन गांव में सात नेपाली हाथियों ने धान और गन्ने की फसल रौंद दी, जबकि दक्षिण टांडा गांव में तेंदुए के हमले से भैंस की मौत हो गई। तीनों घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत है।
मझगईं वन रेंज की ग्राम पंचायत धर्मापुर के गुनाखर टांडा में बीती रात बाघ ने सांड़ को मार दिया। शुक्रवार सुबह खेत के पास उसका अधखाया शव मिला। पास में बाघ के पैरों के निशान भी मिले। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। घटनास्थल के आसपास चार बाघ दिखने की बात सामने आई है। वन क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने छह कैमरे लगवाए हैं और गश्त बढ़ाई है।
पूर्व प्रधान विजय सिंह, वर्तमान प्रधान राजकुमार, रमेश सिंह, जगदीश सिंह और छत्रपाल सिंह समेत ग्रामीणों ने बाघ पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। अंकित सिंह ने बताया कि सांड़ को बाघ ने मारा है। पिंजरा लगाया जाएगा और लोगों को सावधान रहने को कहा गया है।
उधर, किशनपुर अभयारण्य में 25 दिन से डेरा डाले सात नेपाली हाथी बृहस्पतिवार रात जंगल से निकलकर मैलानी रेंज की सुल्तानपुर बीट से सटी आबादी में पहुंच गए। उन्होंने खुटार रेंज सीमा से सटे पटिहन गांव में धान और गन्ने की फसल रौंदकर नष्ट कर दी। सुबह हाथी जंगल लौट गए। रेंजर मैलानी सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वन कर्मियों की टीमें हाथियों पर लगातार नजर रख रही हैं। शुक्रवार को उनकी लोकेशन किशनपुर रेंज में मिली।
बिजुआ के दक्षिण टांडा गांव में शुक्रवार शाम बालकराम की भैंस गांव के बाहर चर रही थी। इसी दौरान झाड़ियों से निकले तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ भैंस को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीण किसी तरह भैंस को घर ले गए, लेकिन घर पहुंचते ही उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों के मुताबिक किशनपुर सेंचुरी से सटे होने के कारण क्षेत्र में अक्सर तेंदुआ, बाघ और अन्य जंगली जानवर देखे जाते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और पीड़ित किसान को मुआवजा दिलाने की मांग की है।