पहले पीलीभीत, किशनपुर और मैलानी रेंज में होगी गणना
बाघों की गणना का काम पहले पीलीभीत टाइगर रिजर्व, किशनपुर वन्यजीव विहार और मैलानी रेंज व बफर जोन में किया जाएगा। इसमें कुल आठ टीमों को लगाया गया है। इसके बाद दुधवा नेशनल पार्क और उसके बाद बफरजोन में कार्य होगा। इसमें 10 टीमों को लगाया गया है। आखिर में कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में सात टीमें बाघों की गणना का कार्य पूरा करेंगी।
गणना के लिए लगाए जाएंगे 1200 कैमरे
बाघों की गणना के लिए कुल 1200 कैमरे लगाए जाएंगे, जो दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन के पास उपलब्ध हैं। गणना के लिए प्रति दो वर्ग किमी क्षेत्रफल में दो कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों में बाघों की जो तस्वीरें कैद होंगी, उनका मिलान पुरानी तस्वीरों से करने के बाद जो नई तस्वीरें होंगी, उनके आधार पर बाघों की संख्या का आंकलन किया जाएगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि बाघों की गणना का कार्य इस बार एम स्ट्राप्स ईको एप की मदद से किया जाएगा। टीमों को पूर्व में ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 10 दिसंबर से गणना शुरू हो जाएगी।