तिलकपुर गांव घटनास्थल पर दहशतजदा लोग। ग्रामीण।
बांकेगंज। गोला रेंज के जंगल से सटे तिलकपुर गांव में आबादी के पास तक पहुंचे बाघ ने मंगलवार को हमला कर एक बकरी को मार डाला। बकरी चरा रही महिलाओं के शोरगुल मचाने पर वह उसे छोड़कर गन्ने के खेत में छिप गया।
ग्रंट नंबर 11 पंचायत के तिलकपुर गांव की महिलाएं दोपहर में गांव के पास ही गन्ने के खेतों की मेड़ पर बकरियों को चराने ले गई थीं। इस बीच शाम पांच बजे गन्ने के खेतों से निकले बाघ ने झुंड पर हमला कर दिया। वह एक बकरी को मुंह में दबाकर ले जाने लगा तो महिलाओं ने शोर मचा दिया तो वह उसे मौके पर छोड़कर फिर खेतों में छिप गया।
सूचना पर मौके पर पहुंची वन कर्मियों की टीम ने बकरी का शव और पैरों के निशान देखकर बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की। इसके बाद टीम ने बांकेगंज पशु चिकित्सालय के डॉ. अंकुर वर्मा से घटनास्थल पर बकरी के शव का पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें हिंसक वन्यजीव के हमले में अत्यधिक रक्तस्त्राव और दम घुटने से बकरी की मौत की पुष्टि हुई है।
उधर, तिलकपुर के लोगों का कहना है कि चार दिन पहले गिरधरपुर गांव में बाघ ने बकरियों के झुंड पर हमला कर राजेश की बकरी को मार डाला और उसे दबोच कर गन्ने के खेत में ले जाकर निवाला बनाया। आबादी से सटे खेतों में बाघ की मौजूदगी से लोगों में दहशत है। परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को पकड़ने की मांग की है।