ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ ने छोड़ा, वनकर्मियों ने जख्मी किशोर को तिकुनियां सीएचसी में कराया भर्ती
तिकुनियां। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उत्तर निघासन रेंज जंगल से सटे खेत में गन्ना काट रहे एक किशोर पर खेत में छिपे बैठे बाघ ने शनिवार शाम हमला कर दिया। उसके अन्य साथियों के शोर मचाने पर बाघ फिर गन्ने के खेत में छिप गया। ग्रामीणों की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने बाघ के हमले में घायल किशोर को तिकुनियां सीएचसी में भर्ती कराया।
शनिवार शाम करीब सात बजे उत्तर निघासन रेंज की खैरटिया बीट जंगल से सटे गन्ने खेत में बेलापुरवा गांव निवासी भारत का 15 वर्षीय पुत्र रामजी खेत में अपने अन्य साथियों के साथ गन्ने की छिलाई कर रहा था। इस दौरान खेत में छिपे बैठे बाघ ने उस पर अचानक हमला कर दिया। बाघ के हमले से रामजी के चेहरे और गर्दन में गहरे जख्म हुए हैं। सूचना के बाद घटनास्थल पर पहुंची वनकर्मियों की टीम और परिजन उसे इलाज के लिए तिकुनियां सीएचसी में भर्ती कराया।
उधर, उत्तर निघासन रेंज के रेंजर विमलेश ने किशोर पर बाघ के हमले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि वन कर्मियों की टीम गठित कर बाघ की निगरानी कराई जा रही है। ग्रामीण सतर्कता बरतें, गन्ना कटाई करने से पहले हांका लगाएं। बाघ के दिखाई पड़ने पर इसकी सूचना वन विभाग को दें।
चार दिन पहले बाघ ने ले ली थी ग्रामीण की जान
तिकुनिया। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में मजरा पूरब के बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गन्ना के खेतों में बाघ के आ जाने से मजदूर गन्ना छीलने नहीं जा पा रहे हैं, जिसके चलते किसानों को काफी नुकसान हो रहा है।
बीते नौ मार्च को ग्राम चौधरी पुरवा निवासी बाबा इंद्रजीत पर हमला करके बाघ ने मौत के घाट उतार दिया था। इस दहशत से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि बाघ ने फिर एक मजदूर को अपना निवाला बनाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ की दहशत से निजात दिलाने की मांग की है। संवाद