मझगई। क्षेत्र के एक गांव में छेड़खानी का विरोध करने पर मनचलों और उनके साथियों ने घर में घुसकर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से पूरे परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में 22 वर्षीय युवती, उसका 14 वर्षीय भाई और उसकी मां लहूलुहान हो गए। इसमें गंभीर घायल युवती लखनऊ में भर्ती है।
पीड़िता की मां ने स्थानीय पुलिस पर हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। शिकायतीपत्र के मुताबिक, 14 जून की रात लगभग 9:00 युवती अपने घर के अंदर आंगन में लेटी हुई थी। आरोप है कि इसी बीच गांव के ही दो मनचले जबरन घर की दीवार लांघकर अंदर घुस आए और पुत्री के साथ अश्लील हरकतें करने लगे।
युवती ने विरोध किया और शोर मचाया तो उसकी आवाज सुनकर मौके पर माता-पिता और भाई दौड़ पड़े। परिजनों को आता देख आरोपी कपड़े पकड़कर घसीटते हुए उसे बाहर तक ले गए। लेकिन शोर बढ़ने पर वे जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। घटना के कुछ ही देर बाद दोनों आरोपी हाथ में बांका, तमंचा और उनके साथ तीन और लोग लाठी-डंडे लेकर दोबारा घर में घुस आए। मुख्य आरोपी ने युवती के सिर पर बांके से जानलेवा हमला किया। इससे उसका सिर फट गया। बचाने आए भाई और युवती की मां को पीटकर लहूलुहान कर दिया।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां पुत्री के सिर से लगातार खून बहने और हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल और फिर वहां से लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पुलिस ने आरोपी विपिन कुमार और रवींद्र के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना की जा रही है और जल्द ही अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बेटी लखनऊ में लड़ रही जिंदगी की जंग
मझगईं। छेड़खानी का विरोध करने पर एक परिवार पर हुए जानलेवा हमले ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। दबंगों ने घर में घुसकर 22 वर्षीय युवती पर बांके से हमला किया, जिससे उसका सिर फट गया। हालत इतनी नाजुक थी कि उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा, जहां वह जिंदगी की जंग लड़ रही है।
इतने संगीन मामले के बावजूद पुलिस ने आरोपियों पर मेहरबानी दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता की बेहद हल्की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने इस खौफनाक वारदात को महज साधारण मारपीट की धारा 115(2), अपमान करने की धारा 352 और सिर्फ धमकी की धारा 351(3) के तहत समेट दिया। क्षेत्र में चर्चा है कि घर में घुसकर आबरू पर हाथ डालने और धारदार हथियार से सिर फोड़ने पर भी पुलिस ने गृह-अतिचार, छेड़खानी और जान से मारने के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं क्यों नहीं लगाईं? इसी ढीली कार्रवाई के कारण आरोपी महज 151 शांति भंग में चालान के बाद खुलेआम घूमकर पीड़ित परिवार को धमका रहे हैं।
वर्जन
मामला संज्ञान में है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। अगर पुलिस की इस मामले में लापरवाही सामने आएगी तो दोषियाें के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. ख्याति गर्ग, एसपी