पालिका के नोटिस को भी नहीं मान रहे दुकानदार
पालिकाध्यक्ष चिंतित, बैठक बुलाई
गोला गोकर्णनाथ (खीरी)। मेला मैदान में लगीं अस्थाई तीन दुकानें चैती मेला लगने में बाधा बन गई हैं। हालांकि पालिका ने तीनों दुकानदारों को नोटिस भेजा है, लेकिन वे बेफिक्र होकर बैठे हैं, बल्कि दुकानें न हटाने का एलान कर दिया है। चैती मेला में इस बाधा को दूर कराने के लिए पालिकाध्यक्ष ने से सदस्यों के साथ बैठक की और डीएम से मोबाइल फोन पर वार्ता कर हस्तक्षेप की मांग की है।
मेला मैदान में अस्थाई दुकानें लगी हैं, जिन्हें साल में दो बार हटवाकर क्रमश: दशहरा और चैती मेला लगवाया जाता है। इस बार सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें हटा लीं, लेकिन यासीन की बर्तन और पवन गुप्ता की किराने की दो दुकानें अभी भी लगी हैं। पालिका कर्मियों ने इन दुकानदारों से भी मैदान खाली करने को कहा तो वह दुकान न हटाने पर अड़ गए। पालिकाध्यक्ष ने एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी से हस्तक्षेप करने को कहा तो उन्होंने अपने तबादले का हवाला देते हुए कहा कि अब वह यहां के एसडीएम ने नहीं हैं। उधर नवागत एसडीएम आलोक वर्मा ने अभी यहां का चार्ज नहीं संभाला है। चार अप्रैल को मेले का उद्घाटन प्रस्तावित है और अभी तक मैदान पूरा खाली नहीं हो सका है। इससे मेला लगने में आ रही समस्या को लेकर शुक्रवार की दोपहर पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने मेला मैदान स्थित कैंप कार्यालय पर बैठक की। बैठक में नोटिस के बाद भी दुकानें न हटाने और स्थानीय प्रशासन का सहयोग न मिलने पर उन्होंने चिंता जताई। इसके बाद पालिकाध्यक्ष ने डीएम आकाशदीप से मोबाइल फोन पर वार्ता कर दुकानें हटवाने में हस्तक्षेप करने की मांग की। डीएम ने शनिवार को कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बैठक में आनंद किशोर गिरि भोली, आशीष अवस्थी, गोपालकृष्ण शुक्ला, बालकृष्ण बल्लू, राजेश गिरि एडवोकेट, मनोज श्रीवास्तव, बिजेंद्र गिरि, नानकचंद वर्मा, जमाल अहमद राईन, अरविंद पांडे आदि मौजूद रहे।
दुकानें न हटीं तो नहीं करा पाऊंगी एतिहासिक मेला
मेले के स्वरूप को बिगाड़ रहीं मैदान में लगीं अस्थाई दुकानों को लेकर पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल आहत हैं। उनका कहना है कि प्रशासन उनका सहयोग नहीं कर रहा है। वजह है एसडीएम का तबादला हो चुका है। नये एसडीएम आए नहीं हैं। पुलिस के अधिकारी एसडीएम के आने का इंतजार कर रहे हैं। मेला उद् घाटन की तारीख करीब है। इतने कम समय में मेला नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि दुकानें न हटीं तो ऐतिहासिक मेला नहीं करा पाऊंगी।
डीएम ने कहा, कोई अड़ंगा नहीं डाल सकता
डीएम आकाशदीप का कहना है कि चैती मेले में कोई अड़ंगा नहीं डाल सकता है। पालिका ने दुकानें हटाने का नोटिस दिया है, जिसका पालन दुकानदारों को करना चाहिए। फिर भी यदि वह नहीं मानेंगे तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मेला की अस्मिता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।