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दुधवा में बाघों की मौत: रेंजर, डिप्टी रेंजर और वन दरोगा होंगे निलंबित, जांच में सामने आई विभागीय कमी

Sun, 11 Jun 2023 11:54 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि प्राथमिक जांच से मुख्यमंत्री को अवगत करा दिया गया है। सवार ये है कि घटना के बाद गश्ती दल की नजर उस समय बाघ पर क्यों नहीं पड़ी ? यह विभागीय कम है। अभी जांच चल रही है।
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दुधवा में बाघ (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दुधवा नेशनल पार्क में 10 दिनों में तीन बाघों और एक तेंदुए की मौत के मामले में प्राथमिक जांच के आधार पर वन दरोगा आरएस राना और डिप्टी रेंजर वीपी सिंह को निलंबित करने का आदेश दिया गया है। संबंध रेंजर भी सस्पेंड होंगे, लेकिन इनके नाम अभी तय किए जाने हैं। वन दरोगा और डिप्टी रेंजर के निलंबन का आदेश दुधवा के फील्ड डायरेक्टर और रेंजर के निलंबन का आदेश वन मुख्यालय से जारी होगा। 

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इस मामले को लेकर सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने पर लखीमपुर खीरी से लखनऊ तक खलबली मची हुई है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार की रात में ही वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में टीम को मौके पर भेजा। जांच में बाघों की मौत की सूचना देर से मिलने की बात सामने आई है। पेट्रोलिंग ठीक से हुई होती तो सूचना पहले मिल सकती थी। विभाग को दो तीन दिन इसका पता लगा। 

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आपसी संघर्ष में गई जान 

जांच में पाया गया कि बाघ और तेंदुए की मौत आपसी संघर्ष से हुई है। ये अवैध शिकार के मामले नहीं हैं, क्योंकि मृत बाघों और तेंदुए के शरीर के सभी अंग मौके पर ही बरामद हुए हैं। वन मंत्री ने कहा कि प्राथमिक जांच से मुख्यमंत्री को अवगत करा दिया गया है। सवार ये है कि घटना के बाद गश्ती दल की नजर उस समय बाघ पर क्यों नहीं पड़ी ? यह विभागीय कम है। अभी जांच चल रही है। पूरी रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री ही कार्रवाई तय करेंगे। 

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किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज में मृत मिले बाघ की मौत भूख और प्यास से तड़पकर हुई थी। शरीर पर गहरे घाव थे। शव सड़ रहा था और कीड़े पड़ गए थे। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। आशंका है कि बाघ का किसी जानवर से संघर्ष हुआ होगा, जिससे वह घायल हो गया। शिकार करने में अक्षम रहा होगा। 
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