लखीमपुर खीरी। बकाया रकम की अदायगी से बचने के लिए ग्रामीण को जहर देकर मारने के 14 साल पुराने मामले में एडीजे मनोज कुमार सिंह ने पिता-पुत्र सहित तीन हत्यारोपियों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। प्रत्येक पर 26 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि खीरी थाना क्षेत्र के ग्राम रुद्रपुर कलां में रहने वाले बंजारा समाज के आलम और मुंशी गांव खंभारखेड़ा निवासी सतनाम सिंह के वहां से एक भैंस और दो बैल बेचने के लिए उधार ले गए थे। इसके 40 हजार रुपये बकाया थे। इसी रकम के भुगतान की बात कहते हुए 22 जुलाई, 2012 की सुबह रुद्रपुर निवासी आलम अपने भाई मुंशी और अपने लड़के अजमत के साथ सतनाम सिंह के घर गया था। वहां बहाना बनाया कि रुपये तो घर पर ही भूल गए, लिहाजा आप हमारे साथ चले चलाे।
वे लोग सतनाम सिंह को साथ ले गए तो उसकी पत्नी सतवंत कौर को चिंता हुई। वह अपने भतीजे हरजिंदर सिंह और अपने नौकर हरिप्रसाद के साथ इन लोगों के घर पर पहुंची तो वहां सतनाम सिंह तड़प रहे थे। मुंह से झाग निकल रहा था। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने धोखे से उसे जहर दे दिया है। उनकी जान बचाने के लिए ट्रैक्टर का इंतजाम करने लगे। इसी बीच हत्यारोपी भाग निकले।
परिजन सतनाम सिंह को लेकर अस्पताल जा रहे थे तो रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पंचनामा और पोस्टमाॅर्टम के बाद भी खीरी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की, तो अदालत के आदेश पर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकी थी। तफ्तीश के बाद पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी। अदालत में अभियोजन पक्ष ने सतवंत कौर, गुरविंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, महेंद्र कुमार सिंह, फरीद खान, डॉ. सुरेश कुमार, एसओ जन्मेजय सचान और इंस्पेक्टर राम स्वारथ यादव के बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी।
अदालत ने इस मामले में बुधवार को हत्या आरोपी आलम और उसके भाई मुंशी तथा आलम के पुत्र अजमत को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ में तीनों पर 26-26 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अपने फैसले में जुर्माना की रकम 78 हजार रुपये में से आधी रकम मृतक की पत्नी को मुआवजे के रूप में भुगतान किए जाने का आदेश दिया है।