आसमान में रोज बादल उमड़ते हैं। उम्मीद बंधती है कि अब बारिश होगी लेकिन बादल लोगों को तरसा कर निकल जाते हैं। तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद से लगातार कड़ी धूप पड़ रही है। इसके चलते लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। धान की रोपाई के लिए किसानों के खेत तैयार हैं बस उन्हें इंतजार है बारिश का। किसान खेतों में काम करते हुए बार-बार आसमान की ओर ताक रहे हैं।
एक बार हुई बारिश से खेतों में नमी जरूर आई है लेकिन धरती तृप्त नहीं हो पाई। धान की रोपाई के लिए खेतों में पानी भरा होना जरूरी है। पिछले दिनों हुई बारिश खेती किसानी के काम नहीं आ सकी। इससे उमस जरूर बढ़ गई है। उमस भरी गर्मी के कारण लोग बेहाल हैं। न तो लोग काम कर पा रहे हैं न आराम। भारी बिजली कटौती अलग से रुला रही है। पानी न बरसने से लोग बेचैन हैं।
शुकवार को अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बारिश होने के बाद तापमान में गिरावट आई थी लेकिन अगले ही दिन से तामपान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। किसानों का कहना है कि जल्दी बारिश न हुई तो धान की रोपाई पिछड़ जाएगी। दूसरी फसलों में खाद डालना भी मुश्किल होगा।