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चिकित्सा मित्र बनाने के लिए किया प्रदर्शन

Fri, 19 Jun 2015 07:00 PM IST
पलियाकलां
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इंडियन रूरल चिकित्सा मित्र सोसायटी ने तहसील परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी की। सोसायटी ने इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में 12 वर्षों के अनुभव के आधार पर चिकित्सा सेवा कर रहे अपंजीकृत ग्रामीण चिकित्सकों को चिकित्सा मित्र घोषित कर स्वास्थ्य सुरक्षा गारंटी योजना लागू करने आदि कई मांगें की गई।
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पत्र पत्र में कहा है कि यूपी में 18 लाख लोग अनुभव के आधार पर करीब 20 वर्षों से प्राथमिक चिकित्सा कार्य कर रहे हैं और उनके पास कोई मान्यता नहीं है। कहा गया है कि यह लोग भारत की 40 प्रतिशत आबादी का प्राथमिक उपचार करते हैं ऐसे में उनके योगदान को नजर अंदाज करना संभव नहीं है। संस्थान द्वारा 12 वर्षों से अनवरत ग्रामीण चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में कार्य के उपरांत देखा गया है कि वास्तव में झोलाछाप चिकित्सक ही ग्रामीण चिकित्सा व्यवस्था की मेरुरज्जु हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने ग्रामीण चिकित्सा व्यवस्था का सत्य स्वीकार कर झोलाछाप चिकित्सकों को पंजीकृत करने के लिए नौ अक्टूबर वर्ष 2014 को स्वास्थ्य सचिवों की बैठक में कार्य योजना तैयार करने के लिए निर्देशित किया था। मांग की गई है कि चिकित्सा मित्र शब्द को सरकारी मान्यता प्रदान करते हुए उत्तर प्रदेश के करीब 18 लाख चिकित्सा मित्रों के सहयोग से स्वास्थ्य सुरक्षा गारंटी योजना लागू कर यश अर्जित किया जाए। कहा गया है कि सत्य को सार्थक करने के लिए दर्जनों ज्ञापन दिए गए हैं और सत्य आग्रह के लिए 10 नवंबर 2014 को लक्ष्मण मेला पार्क में सत्याग्रह भी किया गया है। ज्ञापन में वार्ता की इच्छा जताते हुए मांग को पूरा किए जाने पर बल दिया गया है। कहा गया है कि मांग पूरी न होने पर 30 जून को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसमें फाउंडर ओमदीन, राजेश यादव, दिनेश शर्मा, अंजनी, किशोरीलाल, रामू गुप्ता, राधेश्याम भारती समेत तमाम पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे।
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