लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायत अधिकारी पर मनरेगा मजदूरी का भुगतान न करने, मजदूरी मांगने पर धमकी देने और शिकायत की जांच में फर्जी आख्या लगाने का आरोप लगा है।
निघासन ब्लॉक के सुर्जनपुरवा और दौलतापुर गांव के मजदूरों ने सोमवार को डीएम से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की। मजदूरों का कहना है कि दौलतापुर में अप्रैल 2025 में ग्राम निधि से खेल मैदान का निर्माण कराया गया था, लेकिन एक साल बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि कार्य का भुगतान दूसरी ब्लॉक की फर्मों के नाम कर दिया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भुगतान मांगने पर ग्राम पंचायत अधिकारी शालिनी पांडेय ने अभद्रता की और राजनीतिक पकड़ होने की धमकी दी। मजदूरों का कहना है कि सचिव ने दो मुंशी रखे हैं, जो उनका पूरा काम देखते हैं। शिकायत करने पर एक मुंशी ने भी धमकी दी।
पीड़ितों के अनुसार उन्होंने एक महीने पहले आईजीआरएस पर शिकायत की थी, लेकिन बिना शिकायतकर्ताओं को बुलाए फर्जी निस्तारण कर दिया गया। मजदूरों ने बताया कि करीब 1.85 लाख रुपये का भुगतान अब भी बकाया है।
शिकायत करने वालों में पवन कुमार, दिनेश कुमार, मंशाराम, अनिल, सुग्रीव, अरविंद, विश्राम, राजजीवन, अनंतराम, सुदामा, रंजीत, दीपक, जसवंत, राजेश, राममिलन, प्रमोद और मुल्लू समेत अन्य लोग शामिल हैं। डीएम ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
महिला सचिव बोलीं, सभी आरोप गलत
ग्राम पंचायत अधिकारी शालिनी पांडेय ने कहा कि मजदूरी का कोई भुगतान बकाया नहीं है। शिकायतकर्ताओं के सभी आरोप गलत हैं और उन्हें बेवजह बदनाम किया जा रहा है।