जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के चुनाव की ही तरह प्रधान पद और क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव के लिए प्रत्येक मतदान स्थल पर दो अलग-अलग मतपेटिकाएं रखी जाएंगी। हरे मतपेटी में प्रधान पद के लिए वोट डाले जाएंगे, वहीं सफेद रंग की मतपेटी में ग्राम पंचायत सदस्य पद के वोट पड़ेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बाबत प्रशासन को दिशा-निर्देश जारी किया है। आयोग के मुताबिक प्रधान पद का मतपत्र हरे रंग का होगा और ग्राम पंचायत सदस्य पद का मतपत्र सफेद रंग का होगा। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि दोनों मतपेटियों पर स्टिकर चिपकाने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि मतदाता वोट डालते समय किसी तरह के भ्रम में न रहें। एडीएम के निर्देश के बाद ब्लाक मुख्यालयों पर रखी मतपेटिकाओं को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही नए मतदान स्थलों के चयन और वहां कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस बार निर्वाचन ड्यूटी में लगने वाले सभी कर्मचारियों को एक ही दिन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें वे कर्मचारी भी शामिल होंगे जो पहली बार निर्वाचन ड्यूटी में लगाए जा रहे हैं।
सात से अधिक ग्राम पंचायतों के लिए तैनात होंगे दो एआरओ
लखीमपुर खीरी। प्रधान पद और ग्राम पंचायत सदस्य पद की मतगणना के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। उसके मुताबिक एक न्याय पंचायत में 15 या उससे कम मतदान स्थल अथवा सात या उससे कम ग्राम पंचायतें हैं वहां एक एआरओ नियुक्त किया जाएगा। मतगणना के लिए एक प्लस दो का टेबिल का एक सेट लगाया जाएगा। जिसमें एक टेबिल पर प्रधान और दो टेबिलों पर सदस्य ग्राम पंचायत की मतगणना होगी। जहां मतदान स्थलों की संख्या 15 से अधिक है अथवा न्याय पंचायत में सात से अधिक ग्राम पंचायतें हैं, वहां एक अतिरिक्त एआरओ को नियुक्त किया जाएगा। मतगणना में महिला कर्मचारियों की जगह नए कर्मचारी लगाए जाएंगे। मतदान और मतगणना में 15 प्रतिशत कर्मियों को रिजर्व में रखा जाएगा। मतगणना स्थल के लिए पर्याप्त मात्रा में बड़े कमरे उपलब्ध नहीं होने पर उसी परिसर में पंडाल लगाकर मतगणना कराने पर निर्णय लिया जा सकता है।