लंबित समस्याओं का निराकरण न होने से आक्रोशित राज्य कर्मचारियों ने तीसरे दिन भी सांकेतिक हड़ताल की। इस दौरान जिला और महिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाएं ठप रहीं। कर्मचारियों ने अस्पताल गेट पर बैठक कर लंबित समस्याओं का निराकरण करने की मांग की।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारियों ने सांकेतिक हड़ताल की तथा जिला अस्पताल गेट पर बैठक की। बैठक में संगठन के जिलाध्यक्ष महंत सिंह ने कहा कि लगातार प्रयास के बावजूद भी सरकार कर्मचारियों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाए है लेकिन अगर सरकार उनकी समस्याओं का निस्तारण शीघ्र नहीं करती है तो कर्मचारी आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
उन्होंने मांग की कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की करने, राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति भत्ते देने सहित कई मांगे शीघ्र पूरी नहीं की गई तो 23 फरवरी को राज्य कर्मचारी पूर्णकालिक हड़ताल करेंगे। बैठक को जिला अस्पताल के डॉ. एके कनौजिया, डॉ. परमानंद, डॉ. आरके गुप्ता, रोजअली, लालता प्रसाद, अरविंद वर्मा, छंदा पांडे, राजेश कश्यप, सियाराम द्विवेदी, वीरेश शुक्ला, सौरभ शुक्ला और बृज किशोर वर्मा सहित तमाम कर्मचारियों ने संबोधित किया।