मोहम्मदी। गोमती नदी किनारे बसा मियांपुर गांव वर्षों से अपने नाम को लेकर चर्चा और भ्रम का विषय रहा। गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहने के बावजूद ‘मियांपुर’ नाम लोगों को चौंकाता था।
अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गांव का नाम बदलकर रविंद्रनगर करने की घोषणा के बाद ग्रामीणों को अपनी वास्तविक पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। दरअसल, नौ मई 1964 को यह बस्ती बसाई गई थी। उस समय पूर्वी पाकिस्तान से आए कुछ बंगाली परिवार यहां आकर बस गए थे। स्थानीय लोग उनकी भाषा और संस्कृति से परिचित नहीं थे। बाहरी लोगों ने उन्हें पाकिस्तानी मानते हुए बस्ती को ‘मियांपुर’ कहना शुरू कर दिया और यही नाम धीरे-धीरे सरकारी अभिलेखों में दर्ज हो गया।
हालांकि, गांव के लोग शुरू से ही इसे रविंद्रनाथ ठाकुर की जयंती पर बसने के कारण ‘रविंद्रनगर’ कहते रहे। अब शासन स्तर पर नाम परिवर्तन की घोषणा होने से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होती दिख रही है।
यह गांव अपनी अलग सामाजिक पहचान भी रखता है। ग्रामीणों का दावा है कि यहां शत-प्रतिशत साक्षरता है और अधिकांश लोग रोजगार या सरकारी सेवाओं से जुड़े हैं। हर घर में पूजा स्थल बना है और बंगाली परंपराओं की झलक आज भी यहां देखने को मिलती है। शनिवार को जब गांव के बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में मुख्यमंत्री से मिले तो गांव की सांस्कृतिक विरासत सामने आई। संवाद
गांव में कभी मुस्लिम परिवार नहीं रहा, फिर भी मियांपुर नाम से लोग सवाल करते थे। अब रविंद्रनगर नाम होने से सही पहचान मिलेगी।
गीतारानी, मियांपुर
-
हम लोग लंबे समय से नाम परिवर्तन की मांग कर रहे थे। सरकार ने मालिकाना हक देने के साथ गांव की पहचान भी सुधार दी।
तपन विश्वास, मियांपुर
जमीन का अधिकार मिलने और गांव का नाम बदलने से अब लग रहा है कि हमारी मेहनत को सम्मान मिला है।
आनंद मिश्री, मियांपुर
इस गांव के लोगों ने संघर्ष कर अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री का फैसला गांव के विकास में नया अध्याय जोड़ेगा।
अनुज वर्मा, ग्राम प्रधान शाहपुर राजा
-
मियांपुर वासियों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है। नाम परिवर्तन और मालिकाना हक दोनों बड़े फैसले हैं।
संदीप मेहरोत्रा, नगर पालिका अध्यक्ष
हमने इस गांव को संघर्ष से आगे बढ़ते देखा है। अब नई पहचान मिलने से यहां के लोगों का मनोबल और बढ़ेगा।
महेंद्र कुमार वाजपेयी, ब्लाक प्रमुख मोहम्मदी
-
गांव को जमीन का अधिकार और नई पहचान मिलना हम सभी के लिए गर्व की बात है। यह फैसला पीढ़ियों तक याद रहेगा।
मिथुन ढाली, ग्राम प्रधान मियांपुर
-
मियांपुर को रविंद्रनगर नाम देने का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका
लखीमपुर खीरी। अलीगंज के मुस्तफाबाद का नाम कबीरधाम किए जाने की घोषणा के बाद अब मोहम्मदी क्षेत्र के मियांपुर का नाम रविंद्रनगर किए जाने की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पहले ही शासन को भेजा जा चुका है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मियांपुर का नाम बदलकर रविंद्रनगर किए जाने संबंधी प्रस्ताव काफी समय पहले जिला मुख्यालय से शासन स्तर पर भेजा गया था। नाम परिवर्तन की अंतिम प्रक्रिया शासन स्तर पर गजट अधिसूचना जारी होने के बाद पूरी होगी। एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मियांपुर को रविंद्रनगर नाम देने का प्रस्ताव शासन को पहले ही भेजा जा चुका है। अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शासन को पुनः रिमाइंडर भेजा जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि शासन की मंजूरी मिलने और गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही नए नाम को आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा। संवाद
संदीप महरोत्रा
संदीप महरोत्रा
संदीप महरोत्रा
संदीप महरोत्रा
संदीप महरोत्रा
संदीप महरोत्रा