लखीमपुर खीरी। दिवाली के बाद भैया दूज पर भी रोडवेज परिवहन निगम की कोई खास तैयारी नहीं दिख रही। निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर सवारी बढ़ती हैं तो बसों के फेरे बढ़ा दिए जाएंगे। निगम की यह तैयारी यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। हालांकि निगम के अधिकारियों का दावा है कि वह सवारियों को परेशानी नहीं होने देंगे।
दिवाली पर बड़ी संख्या में यात्रियों के आवागमन को लेकर रोडवेज ने अतिरिक्त फेरे बढ़ाए जाने की तैयारी की थी, लेकिन उम्मीद से काफी कम सवारियों ने रोडवेज की बसों से सफर किया। इसी वजह से इस बार रोडवेज को ज्यादा आय नहीं हो सकी। लखीमपुर रोडवेज डिपो के बीते दो दिन की आय पर नजर डालें तो 30 अक्टूबर को 10678 यात्रियों के सफर में 10.38 लाख रुपये की आय हुई। वहीं 31 अक्टूबर को 12294 यात्रियों के सफर में 12.29 लाख रुपये निगम को मिले। हालांकि यह आय पिछली दिवाली की अपेक्षा बहुत कम है।
पिछली दिवाली पर निगम को 13 से 14 लाख रुपये प्रत्येक दिन आय हुई थी, जो अबकी बार घटकर 10 से 12 लाख रुपये रोजाना रह गई। रोडवेज की आय न बढ़ने का असर चालकों-परिचलाकों पर पड़ेगा। चालकों-परिचालकोें के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है, जो भैयादूज तक चलेगी। यही हाल गोला डिपो का रहा। गोला डिपो को भी कोई खासा फायदा नहीं हो सका।
आय घटने का प्रमुख कारण रहे डग्गामार वाहन
रोडवेज निगम की आय घटने के पीछे डग्गामार वाहनों को कारण बताया जा रहा है। परिवहन विभाग के अफसरों की अनदेखी से जनपद में बड़ी संख्या में डग्गामार वाहनों की भरमार है। शायद ही कोई ऐसा मार्ग हो जिस पर डग्गामार वाहन न दौड़ते हों। लखीमपुर डिपो के पास 87 अनुबंधित बसें हैं, जो सीतापुर, गोला, लखनऊ, शाहजहांपुर, धौरहरा आदि मार्गों पर चलती हैं। वहीं गोला रोडवेज डिपो के पास 128 निगम और अनुबंधित बसें हैं, जो कानपुर, दिल्ली, हरिद्वार, अलीगढ़, बरेली, लखनऊ आदि मार्गों पर चलती हैं।
धरी रह गई नए मार्ग पर बसों को दौड़ाने की तैयारी
दिवाली पर सवारियां बढ़ने से बसों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाने की तैयारी के साथ ही अगर किसी नए मार्ग पर अधिक सवारियां मिलती हैं तो उस पर बसें दौड़ाए जाने की तैयारी थी। रोडवेज निगम का दावा है कि दिवाली पर ऐसी कोई भी नए मार्ग की सवारियां नहीं मिली, जिस पर बसों को भेजा जा सके।
भैयादूज पर सवारियों की उपलब्धता पर बसों के फेरे बढ़ा दिए जाएंगे। त्योहार को लेकर रोडवेज की ओर से पूरी तैयारी है, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। -गीता सिंह, एआरएम लखीमपुर डिपो