मैगलगंज। क्षेत्र में एक भी राजकीय इंटर कॉलेज न होने से स्थानीय विद्यार्थी परेशान हैं। 10वीं के बाद सरकारी कॉलेज में पढ़ाई के लिए उन्हें सीतापुर, हरदोई और शाहजहांपुर का रुख करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के अभिभावकों का कहना है कि बढ़ती जनसंख्या और शिक्षा के प्रति जागरूकता को देखते हुए यहां एक राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना बेहद आवश्यक है। वर्तमान में मैगलगंज में केवल एक एडेड स्कूल भारतीय इंटर कॉलेज है, जिसमें भी केवल कला वर्ग की पढ़ाई होती है। विज्ञान वर्ग के लिए विद्यार्थियों को मजबूरन मैगलगंज से सीतापुर तक 38 किमी, हरदोई तक 55 किमी और शाहजहांपुर तक 60 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है।
लखीमपुर की दूरी लगभग 55 किमी है। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रतिदिन 100–200 रुपये तक का खर्च सिर्फ आने-जाने में करना पड़ता है, जो कई परिवारों पर भारी पड़ रहा है। इन सभी समस्याओं से आहत होकर कई छात्र पढ़ाई छोड़ देने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
भारतीय इंटर कॉलेज के प्रधानाध्यापक राजेश पांडे ने बताया कि बहुत पहले इस समस्या को लेकर जिले के आला-अधिकारियों को अवगत कराया था, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
प्रदेश की सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। बाकी हम इस समस्या को सदन में उठाएंगे। इसका निदान कराने का प्रयास किया जाएगा।
-आनंद भदौरिया, क्षेत्रीय सांसद
यहां के छात्र जो विज्ञान से इंटर करना चाहते हैं, लेकिन रोज 40 किमी जाना पड़ता है। खर्चा भी ज्यादा और सुरक्षा की चिंता अलग। सरकार को यहां इंटर कॉलेज खोलना चाहिए।
ज्ञानेश अवस्थी, अभिभावक
लड़कियों की पढ़ाई पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। दूर भेजना हम माता-पिता के लिए आसान नहीं है। पास में सरकारी इंटर कॉलेज होना बहुत जरूरी है।
सुधाकर सिंह, अभिभावक
हर महीने सिर्फ सफर में ही दो से तीन हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। गरीब परिवार यह खर्च वहन नहीं कर पाते और कई बच्चे पढ़ाई ही छोड़ देते हैं।
मधुर शुक्ला, अभिभावक
-
हम वर्षों से मांग कर रहे हैं, लेकिन नेता चुनाव के बाद भूल जाते हैं। अब समय आ गया है कि सरकार हमारी आवाज सुने और कॉलेज की स्थापना करे।
शिवेंद्र गुप्ता, अभिभावक
मधुर शुक्ला
मधुर शुक्ला
मधुर शुक्ला