निघासन। क्षेत्र के विद्यार्थी आज भी उच्च शिक्षा के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर हैं। इलाके में राजकीय डिग्री कॉलेज न होने से विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय या फिर बड़े शहरों का रुख करना पड़ रहा है। इससे जहां अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। वहीं, विद्यार्थियों को भी घर-परिवार से दूर रहकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
बताया जाता है कि पूर्व विधायक कृष्ण गोपाल पटेल ने विधानसभा में राजकीय डिग्री कॉलेज की मांग उठाई थी। इसके बाद किसी भी सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं बढ़ाया। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता मोनू दीक्षित ने कहा कि लालपुर डिग्री कॉलेज के अलावा निघासन में कुछ ही निजी शिक्षण संस्थान हैं।
कस्बे के व्यापारी पवन अग्रवाल ने बताया कि राजकीय काॅलेज न होने की वजह से बच्चे पढ़ाई के लिए बाहर रहने के लिए विवश हैं। निजी संस्थानों की फीस और आवास खर्च से अभिभावकों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ता है। अगर निघासन में राजकीय कॉलेज खुल जाता है तो इससे हजारों छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी।
सपा से पूर्व विधायक रहे कृष्ण गोपाल पटेल के पुत्र हिमांशु पटेल ने कहा कि उनके पिता ने क्षेत्र में करीब 80 सरकारी विद्यालयों के पुनरुद्धार का कार्य कराया और लुधौरी के गोविंदपुर में अंग्रेजी माध्यम का मॉडल स्कूल भी बनवाया। मौजूदा सरकार ने अब तक डिग्री कॉलेज के लिए कोई प्रयास नहीं किया है।
वहीं, पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के प्रतिनिधि अरविंद सिंह संजय ने बताया कि पूर्व सांसद अजय मिश्र टेनी ने कई बार शासन को पत्र लिखकर और संसद में मुद्दा उठाकर कॉलेज की स्वीकृति दिलाने की कोशिश की। राजकीय कन्या विद्यालय के पास जमीन भी चयनित की गई थी, लेकिन किसी कारण से स्वीकृति नहीं मिल सकी।
सिंगहा गांव में डिग्री कॉलेज के लिए भूमि प्रस्तावित है। बीते छह माह से इसकी स्वीकृति दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही यहां पर निर्माण कार्य कराया जाएगा।
पटेल शशांक वर्मा, विधायक, निघासन