लखीमपुर खीरी। मोबाइल फोन की चोरी के मामूली विवाद में सिख दंपती की हत्या के मामले में एडीजे रेनू सिंह ने आरोपी पिता-पुत्र सहित एक ही परिवार के पांच लोगों को दोषी पाया। उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर साढे 36 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अभियोजन के मुताबिक, निघासन थाना क्षेत्र के गांव खमरिया के मजरा झउवापुर निवासी सरदार गुरदीप सिंह छह जनवरी, 2022 को शाम सात बजे खेत से लौट रहे थे। रास्ते में सोहन गिरि ने अपने लड़के सुरेंद्र, एक आल अपचारी, बहू रेनू व खुशबू और परिवार की ही फूलकुमारी के साथ मिलकर मोबाइल चोरी का आरोप लगाकर कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। गुरदीप सिंह को बचाने उनकी पत्नी रविंद्र कौर तथा बेटा कुलदीप सिंह आए तो उन पर भी धावा बोल दिया। इससे रविंद्र कौर की उसी दिन मौत हो गई, जबकि 27 जनवरी को गुरदीप सिंह ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
अदालती सुनवाई के दौरान बाल अपचारी की पत्रावली पृथक करते हुए बाकी पांच हत्यारोपियों के खिलाफ एडीजे रेनू सिंह की अदालत में सुनवाई पूरी की गई। अदालत में गगनप्रीत कौर, कुलदीप सिंह, भूपेंद्र सिंह, भगवती, डॉ. धनंजय यादव, कुलदीप कुमार, दीपक राय, जितेंद्र श्रीवास्तव, जसविंदर सिंह, संजय सिंह और प्रमोद रावत ने अपने बयान दर्ज कराए।
शनिवार को एडीजे रेनू सिंह ने अपने फैसले में पांचों हत्यारोपियों को दोष सिद्ध पाया, जिन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर साढ़े 36 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अपने फैसले में यह भी बताया है कि वसूल किए गए जुर्माना में से आधी रकम पीड़ित को बतौर मुआवजा दी जाए।