बिझौली। उल्ल नदी के मनवापुर घाट पर पुल न बनने से सैकड़ों लोगों को 15 से 20 किमी. का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। यदि पुल बन जाता तो यह दूरी केवल तीन से पांच किमी. रह जाती, जिससे एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन आसान हो जाता।
लोगों का कहना है कि देवकली तीर्थ, मेडिकल कॉलेज, अलीगंज बाजार, बिजुआ, भीरा, पलिया और दुधवा जैसे स्थानों तक जाने के लिए उन्हें रोजाना लंबा फेर लगाना पड़ता है। मनवापुर घाट पर पुल बनने से शहबुद्दीनपुर, जमुनहा, रमुआपुर, चिंतापुर, बेहटा, बरगदिया, भटपुरवा, लखैया फार्म, बिझौली फार्म, जमुनाबाद फार्म सहित कई गांवों के ग्रामीण सीधे जिला मुख्यालय और पलिया-दुधवा तक पहुंच सकेंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि बख्खारी के पास एक रपटा पुल मौजूद है लेकिन बरसात में नदी उफान होने पर वह भी बंद हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनवापुर घाट पर पुल बनाए जाने के लिए कई बार सर्वे हो चुका है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।
ग्रामीणों ने पुल बनाने की मांग फिर से जोर देकर उठाई है, ताकि उनका रोजमर्रा का आवागमन सुरक्षित और आसान हो सके।
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अरसे से क्षेत्रवासी पुल बनाए जाने की आस लगाए बैठे हैं। आज नहीं तो कल यह पुल बन जाएगा, जिससे दुधवा नेशनल पार्क व कबीरधाम जाने में आसानी होगी।
-विपिन श्रीवास्तव
जब-जब चुनाव आता है, तब-तब नेता लोकलुभावन वादे करते हैं। चुनाव के बाद वे लोग फिर भूल जाते हैं। धीरे-धीरे क्षेत्र में आना ही भूल जाते हैं।
-श्याम सुंदर यादव
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मनवापुर पुल बनने से काफी सहूलियत होगी। समय की बचत होगी और व्यापार बढ़ेगा। कबीरधाम आने-जाने वाले लोगों को कम दूरी तय करनी पड़ेगी।
-अनुभव दास
पुल होता तो कबीरधाम पैदल ही पहुंच जाते। हमारे गांव से वहां की दूरी महज दो किमी. है, पर पुल की कमी के कारण अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
-दुर्गेश कुमार, रमुआपुर
पुल निर्माण के सर्वे से संबंधित जानकारी नहीं है। अगर सर्वे हुआ है, तो इसके बारे में पता करते हैं कि अब तक क्या रहा। अगर कोई दिक्कत है तो उसका समाधान किया जाएगा।
-अभिषेक कुमार, सीडीओ
दुर्गेश कुमार
दुर्गेश कुमार
दुर्गेश कुमार
दुर्गेश कुमार