लखीमपुर खीरी। सत्ताधारी पार्टी का जिले का अध्यक्ष कौन होगा, इस पर हर तरफ चर्चा का बाजार गर्म है। सभी दावेदार अपनी गोटे फिट करने में लगे हुए हैं। दावेदारों में शामिल लोग लखनऊ के भी चक्कर काट रहे हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि दावेदारों की सूची लंबी होने की वजह से हाईकमान ने मामला टाल दिया है। कुछ का अनुमान है कि जो प्रक्रिया होती है वह पूरी नहीं हो सकी है, इसलिए जिले को 15-20 दिन के लिए होल्ड पर रखा गया है।
भाजपा में जिलाध्यक्ष पद की रेस में शामिल होने के लिए दो मार्च को चुनाव अधिकारी श्रीराम चौहान की मौजूदगी में नामांकन प्रक्रिया हुई थी। इस रेस में जिलाध्यक्ष पद के लिए 49, वहीं प्रदेश परिषद के लिए 25 नामांकन दाखिल किए गए थे। चुनाव अधिकारी के अलावा जिला चुनाव पर्यवेक्षक प्रदेश महामंत्री व एमएलसी सुभाष, जिला सहायक चुनाव अधिकारी दुर्गेश नंदन पांडे व सुरजन लाल वर्मा के समक्ष दावेदारों ने अपने आवेदन जमा किए थे।
अब यह गेंद प्रदेश नेतृत्व के पाले में है। मंथन के बाद ही प्रदेश कार्य समिति कोई निर्णय लेगी। सूत्रों के मुताबिक, अन्य जिलों की सूची तैयार है, लेकिन लखीमपुर के जिलाध्यक्ष की घोषणा में अभी 15 से 20 दिन का समय लग सकता है।
जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं का एक
मत न होना भी बन रहा देरी की वजह
पार्टी सूत्रों की मानें तो जिले के छह विधायक एक तरफ और कार्यकर्ता एक तरफ हैं। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की मंशा है कि जिलाध्यक्ष उनके ही बीच का कोई पदाधिकारी बने, जबकि विधायक कुल तीन नाम पर ही अपनी मुहर लगा रहे हैं। चूंकि दावेदारों की लिस्ट लंबी है, इसलिए भी यह हालत बन रहे हैं। उधर, संगठन के चुनाव को लेकर जिले में विवाद किसी से छिपा नहीं है। अब हाईकमान की जिम्मेदारी है कि जिले की कमान ऐसे व्यक्ति को थमाई जाए जिसके नेतृत्व में कार्यकर्ता एकजुट रहें, क्योंकि 2027 का चुनाव भी कराना है।
जो प्रक्रिया हम लोगों के माध्यम से होनी थी वह पूरी हो चुकी है। सोशल मीडिया के माध्यम से चर्चाएं बहुत हैं, लेकिन कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि जिला होल्ड है या फिर नाम 15-20 बाद घोषित होगा। फिलहाल, फैसला हाईकमान को ही लेना है। - दुर्गेश पांडे, जिला सहायक चुनाव अधिकारी