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19 बसों समेत 67 वाहन कर रहे डग्गामारी

Mon, 17 Oct 2016 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
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- फोटो : अमर उजाला
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- परिवहन निगम के पत्र को दबा गया एआरटीओ प्रशासन
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- हर रूट से दौड़ने लगीं बसें, यात्रियों की जान जोखिम में
मैलानी-सीतापुर रेल मार्ग बंद होते ही लखनऊ मार्ग पर डग्गामार वाहनों की संख्या बढ़ गई है, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में है, लेकिन एआरटीओ प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। उधर, परिवहन निगम लखीमपुर डिपो के एआरएम वीके गोस्वामी ने 19 अनाधिकृत बसों और 67 अन्य वाहनों के जगह-जगह से सवारियां भरने की शिकायत डीएम, एआरटीओ समेत उच्चाधिकारियों से की है। उन्होंने सभी वाहनों के नंबरों की भी सूची दी है, लेकिन एआरटीओ प्रशासन इस पत्र को ही दबा गया है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। 
रेल मार्ग बंद होते ही पलिया, मोहम्मदी, निघासन और लखीमपुर से ट्रांसपोर्टरों और निजी बस संचालकों ने लखनऊ रूट पर बसें चलानी शुरू कर दी हैं। इस बाबत एआरटीओ प्रशासन श्वेता वर्मा का कहना है कि उनके यहां से बसों समेत सभी वाहनों के इन दिनों अस्थाई परमिट बनवाने की संख्या बढ़ गई है। इससे साफ है कि बस संचालक अस्थाई परमिट बनवाकर लखनऊ रूट पर सवारियां ढो रहे हैं। उधर एआरटीओ प्रवर्तन पीके सिंह का कहना है कोई भी डग्गामार नहीं है, लेकिन अस्थाई परमिट पर सवारियां ढोना अवैध है। ऐसा करते पाए जाने पर जुर्माना के साथ अन्य कार्रवाई भी हो सकती है। उन्होंने भी स्वीकार किया कि लखनऊ रूट पर यात्रियों की संख्या बढने से वाहन भी बढ़ गए है। साथ ही कहा कि अवैध तरीके से रूट पर वाहन चलाने की अनुमति किसी को भी नहीं दी गई है।
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एआरएम के पत्र पर एआरटीओ ने साधी चुप्पी
एआरएम वीके गोस्वामी द्वारा दिए गए पत्र के बाद अनाधिकृत वाहनों पर कार्रवाई की बाबत पूछने पर एआरटीओ प्रशासन पीके सिंह टाल गए। सिर्फ इतना कहा कि अभी तक किसी भी वाहन के यात्रियों ने उनसे ऐसी कोई शिकायत नहीं की, जिससे वह कार्रवाई करते।
 
दोनों तरह के परमिट बनवाकर जेबें भर रहे बस संचालक
रोड पर बस अथवा अन्य वाहन चलाने के लिए दो तरह के परमिट बनवाए जाते हैं। कांट्रेक्ट कैरेज परमिट के जरिए शादी, पार्टी अथवा बुकिंग कर यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सवारियां ले जाई जा सकती हैं, जबकि स्टेज कैरेज परमिट से एक निर्धारित रूट पर सवारियां ला और ले जा सकते हैं। यहां बस और वाहन संचालकों ने दोनों तरह के परमिट बनवा लिए हैं। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी एआरटीओ को नहीं है, लेकिन सबकुछ जानकर भी वह चुप हैं। होता यह है कि दोनों तरह के परमिट होने पर अपने निर्धारित रूट पर बस चेक होते ही वह स्टेज कैरेट परमिट दिखा देते हैं और रूट के बाहर बस चेक होने पर वह रिजर्व पार्टी ले जाने की बात कहकर कांट्रेक्ट कैरेज परमिट दिखा देते हैं।
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वाहनों का अवैध संचालन बंद करें एआरटीओ
डीएम आकाशदीप से पलिया, निघासन और लखीमपुर से अवैध बसों के संचालन की बाबत पूछे जाने पर वह चौंक गए। डीएम को इस बाबत कोई जानकारी नहीं थी। अमर उजाला से जानकारी होते ही उन्होंने कहा कि जिले से होकर अनाधिकृत बसों को संचालन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने एआरटीओ को तत्काल निर्देश दिए कि बसों समेत सभी वाहनों का अवैध संचालन तत्काल बंद करा दें।
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