कई गांवों में भरा बाढ़ का पानी, रास्तों और पुल पर पानी आने से आवागमन बाधित
इलाके में हो रही बरसात से शारदा नदी का जलस्तर एक बार फिर से खतरे के निशान से 92 सेमी ऊपर पहुंच गया है और इससे इलाके में फिर से बाढ़ का पानी भरने लगा है। भीरा क्षेत्र के इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर रपटा पुल पर दो से तीन फिट पानी चल रहा है। उधर मझगईं क्षेत्र के नयापुरवा, चौरी, खालेपुरवा में कटान तेज हो गया है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बीते 24 घंटे में 38 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है। मूसलाधार बरसात होने के कारण शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 153.620 सेमी से 92 सेमी ऊपर 154.540 सेमी पर पहुंच गया है। दौलतापुर, मटैहिया, कचनारा, बोझवा, मझौरा, श्रीनगर, सूरजपुर, आजादनगर, बर्बादनगर, ढखिया आदि गांव फिर से बाढ़ की जद में आने लगे हैं जबकि दौलतापुर, कचनारा में नदी ने कटान शुरू कर दिया है। इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर बने रपटा पुल पर पानी दो से तीन फिट तक चल रहा है। मझगईं क्षेत्र के टापू बने गांव नयापुरवा, चौरी, खालेपुरवा आदि ग्रामों में भी नदी कटान कर रही है। उधर, भारी बरसात से शहर में नगर पालिका के सफाई व्यवस्था की भी पोल खुल गई है।
बिजुआ। गोला तहसील के बिजुआ ब्लाक में शारदा का कटान इस साल फिर शुरू हो गया है। बीते साल शारदा शारदा दंबलटांडा के सामने कटान कर रही थी, लेकिन इस बार शारदा ने अपना रुख पहले ही मोड़ लिया है। पिछले कुछ दिनों में अचानक शारदा नदी ने रेवतीपुरवा गांव से कुछ दूरी पर कटान करना शुरू कर दिया। देखते-देखते करीब 100 एकड़ गन्ने की फसल समेत 300 एकड़ खेत शारदा में समा गए है अब रिहायशी इलाके के भी सामने शारदा का कटान पहुंच चुका है। पिछले साल शारदा के रौद्र रूप को देखकर इलाके के सुरेंद्र सिंह बिग्गी ने अपने परिवार और कुछ मित्रों की मदद से शारदा के कटान से दंबलटांडा की जमीन को बचाने के लिए ठोकर बनाई थी। इस बार वहां कटान नही हो रहा है। बुधवार को बिजुआ पहुंचे विधायक विनय तिवारी से किसानों ने अपनी बात रखी, जिस पर विधायक ने एसडीएम गोला से बात कर अगले दिन इसे देखने को कहा है। विधायक ने आश्वस्त किया कि दो दिन में वह खुद पहुंचेंगे।