जिले में मौजूदा समय में चल रहे 856656 राशनकार्डों में से करीब दो लाख राशनकार्ड रद् हो सकते हैं। एंड टू एंड कंप्यूटराइजेशन में इन राशनकार्डों की फीडिंग नही हो पाई है। यदि 30 मई तक यह राशनकार्ड धारक अपने डेटा फीड नहीं कराते हैं तो इन राशनकार्डों को बोगस मानकर रद् कर दिया जाएगा।
एंड टू एंड कंप्यूटराइजेशन की चल रही डेढ़ साल की कवायद में जिले की 1378 राशन की दुकानों पर लगे 856656 राशनकार्डों में से 657577 राशनकार्डो के डेटा कंप्यूटर में अपलोड किए जा चुके हैं जो कुल राशनकार्डों का 74 फीसदी है। इनमें 506482 राशनकार्ड छपने की स्थिति में हैं। जबकि 151095 राशनकार्ड ऐसे हैं जो मतदाता पहचानपत्र न होने के कारण अभी तक अनवैलिड की श्रेणी में हैं। उधर 199575 राशन कार्डधारकों ने कंप्यूटर फीडिंग के लिए अब तक डेटा उपलब्ध नहीं कराए हैं। 30 मई तक यदि यह राशनकार्ड धारक अपने डेटा उपलब्ध नहीं कराते हैं तो पूर्ति विभाग इन राशनकार्डों को बोगस मानते हुए रद् कर देगा।
खाद्य सुरक्षा की प्रगति भी धीमी
खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के क्रियान्वयन की गति भी बेहद धीमी है। शहरी क्षेत्र की 150 दुकानों में 50 दुकानों से संबद्ध पात्र गृहस्थियों का सत्यापन कराया जा चुका है। 18 दुकानों की सूची तैयार हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्र की 1229 दुकानों में से 313 का सत्यापन कराया जा चुका है। 121 दुकानों से संबद्ध पात्र गृहस्थी की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। शहरी क्षेत्र में यह प्रगति 68.74 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र की प्रगति 53.92 फीसदी है।
जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 लागू करने के लिए पात्र गृहस्थी के चयन का काम तेजी से हो रहा है। माह जून के अंत तक पात्र गृहस्थियों के चयन का काम पूरा कर लिया जाएगा। राशनकार्ड नवीनीकरण का काम भी अगले माह तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।