मुजहा इलाके में आए जंगली हाथियों ने किसानों की तमाम फसलें रौंद डालीं। किसानाें ने वन क्षेत्राधिकारी को पत्र देकर मुआवजे की मांग की है।
10 और 11 फरवरी की रात आए दर्जनाें जंगली हाथियों के झुंड ने मुजहा गांव में इंद्र्रदेव, रामनाथ, राजू, दीपकली, मुन्ना, भीमल आदि की फसलें गेहूं की फसलें रौंद डाली। यहां हाथी अक्सर आकर किसानों का नुकसान करते रहते हैं। गन्ना भुगतान न होने से परेशान किसानाें की इससे कमर ही टूट गई है। किसानाें ने जंगली हाथियों से निजात दिलाने समेत वन क्षेत्राधिकारी से जल्दी मुआवजा दिलाने की मांग भी की है।
मझगईं। पार्क के जंगल से निकलकर आए एक हाथी ने चौखड़ाफार्म में खूब धमा-चौकड़ी मचाई। लोगों ने आग जलाई और पटाखे दागे। करीब दो घंटे की जद्दोजहद के बाद हाथी जंगल की ओर भाग गया।
मंगलवार की रात करीब एक बजे किसान गहरी नींद में सो रहे थे तभी एक हाथी की तेज चिंघाड़ से सभी लोग जाग गए और देखा की मकान के पास ही एक जंगली हाथी धमा-चौकड़ी मचा रहा है। लोगों ने आग जलाई और पटाखा दागकर बड़ी मशक्कत के बाद उसे जंगल की ओर खदेड़ा। हाथी के चले जाने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। हरविंदर सिंह, सुरेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, मनदीप सिंह, जसविंदर सिंह आदि किसानों ने बताया कि बिजली के तार काफी नीचे थे कल ही बांस लगाकर तारों को ऊंचा किया गया था। अगर तार नीचे होते तो हाथी की जान भी जा सकती थी।