भीरा रेंज के खेत में गिद्धों के शव। (फाइल फोटो)
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लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की भीरा रेंज में एक माह पहले मृत मिले 25 गिद्धों की मौत का कारण सामने आ गया है। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली की रिपोर्ट से पता चला ह कि कार्बोफ्यूरान नामक कीटनाशक मिले चावल खाने से कुत्तों और बाद में उनका मांस खाने वाले गिद्धों के शरीर में जहर फैल गया था।
इससे उनके लिवर, गुर्दा और भोजन की नली प्रभावित हुई और उनकी मौत हो गई। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की डीएफओ कीर्ति चौधरी ने रिपोर्ट की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बिसरा जांच रिपोर्ट में कार्बोफ्यूरान कीटनाशक के असर की पुष्टि हुई है।
सात अप्रैल को मृत मिले थे गिद्ध
भीरा रेंज की पड़रिया बीट के सेमरिया गांव में सात अप्रैल की दोपहर खेत में एक साथ 25 गिद्धों के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया था। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास चावल और कुत्तों के शव भी बरामद किए थे।
चार गिद्धों का हुआ था पोस्टमॉर्टम
प्रारंभिक जांच में बफरजोन के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर ने आशंका जताई थी कि जहर मिले चावल खाने से कुत्तों की मौत हुई होगी और बाद में उन्हीं कुत्तों का मांस खाने से गिद्धों की जान गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने घटनास्थल से मिले चावल तथा चार गिद्धों के शवों का पोस्टमॉर्टम और बिसरा जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा था। जांच रिपोर्ट आने के बाद अब वन विभाग पूरे मामले की आगे की कार्रवाई में जुट गया है।