कार्यक्रम में मौजूद किसान। स्रोत : आयोजक
लखीमपुर खीरी। गन्ना किसानों की लागत कम करने और आय बढ़ाने के लिए गोविंद शुगर चीनी मिल ऐरा में राउंड टेबल 2.0 मशीनीकरण और डिजिटलाइजेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन सोमवार विशेषज्ञों ने किसानों को मशीनीकरण और डिजिटल उपकरणों के संबंध में अहम जानकारी दी।
किसानों को बताया कि आज के दौर में खेतों में काम करने के लिए मजदूर नहीं मिलते। ऐसे में फसल लेट हो जाती, जिससे लागत बढ़ जाती और मुनाफा घट जाता है। अगर खेती मशीनों का प्रयोग करें तो लागत घटेगी और आय बढ़ेगी। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएसआरआई) के डायरेक्टर डॉ. दिनेश सिंह ने अपने अनुभव साझा कर किसानों के सवालों के जवाब दिए।
जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश ने कहा कि गन्ना किसानों के पास जब पर्ची पहुंचती हैं तो कटाई के लिए मजदूर नहीं मिलते। जब मिलते हैं तो मजदूरी अधिक लेते हैं। तीन चार दिन तक कटाई के बाद मिल भेजते हैं गन्ने का वजन कम हो जाता है। ऐसे में मशीनों का उपयोग बेहतर होगा।
आईएसआरआई के प्रिसिंपल साइंटिस डॉ.एमके त्रिपाठी ने बुआई व सिंचाई की विभिन्न मशीनों व उनकी उपयोगिता बताई। एग्रीकल्चर इंजीनिरिंग के एचओडी डॉ. एमके सिंह ने पराली प्रबंधन में मशीनों की उपयोगिता बताई। कार्यक्रम में कई विशेषज्ञों ने मशीनीकरण और डिजिटल पर अपनी बात रखी। चीनी मिल परिसर में आधुनिक उपकरणों की प्रदशनी भी लगाई गई। कार्यक्रम में एक्जीटिव डायरेक्टर अलोक सक्सेना, फौजिया तरन्नुम, विजय लक्ष्मी आदि अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ व किसान मौजूद रहे।