लखीमपुर खीरी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तिकुनिया हिंसा कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा उर्फ मोनू, उनके पिता पूर्व गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी और निघासन ब्लाॅक प्रमुख पति अमनदीप सिंह के खिलाफ पढुआ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन सभी पर चश्मदीद गवाह बलजिंदर सिंह को धमकाने और गवाही प्रभावित करने का आरोप है।
गवाह का आरोप है कि 15 अगस्त, 2023 को अमनदीप सिंह उनके घर पहुंचे और गवाही बदलने का दबाव बनाया। मना करने पर धमकी दी और रुपयों का लालच भी दिया। यह पूरी घटना उसने अपने फोन में रिकॉर्ड कर ली। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां रिकॉर्डिंग पेश की गई। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने चार अक्तूबर को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ये है मामला
तीन अक्तूबर, 2021 को तिकुनिया में कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसानों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा हो गई थी। घटना में चार किसानों, एक स्थानीय पत्रकार और तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी। इस मामले में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। पहला मुकदमा तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र मोनू समेत 14 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था। उन पर आरोप है कि ये लोग फायरिंग करते हुए अपनी थार गाड़ी से किसानों को रौंदते हुए निकल गए थे। दूसरा मुकदमा भाजपा कार्यकर्ता सुमित जायसवाल की ओर से किसानों के खिलाफ दर्ज कराया थाा, जिसमें एसआईटी ने चार किसानों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
वर्जन...
एक प्रार्थना पत्र पूर्व में थाना पढुआ पर दिया गया था। शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसे सत्यापित करने के बाद नियमानुसार विवेचना करने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में थाना पढुआ पर एफआईआर दर्ज की गई है, जिसकी नियमानुसार विवेचना की जा रही है।
- संकल्प शर्मा, एसपी