रेलवे बजट 2015-16 में जिले की झोली एक बार फिर खाली रह गई। जिला खीरी ही नहीं पूरे उत्तर प्रदेश को इस बजट से कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। कुछ मिला तो बस भोजीपुरा से टनकपुर तक ब्रॉड गेज के काम के लिए महज 30 करोड़ रुपए। महिलाओं की सुरक्षा के लिए ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और गर्भवती महिलाओं के लिए नीचे की सीट का कोटा बढ़ाने जैसे कदम की महिलाएं जरूर तारीफ कर रही हैं। नई ट्रेनों और योजनाओं की राह देख रहे लोगों को इस रेल बजट से निराशा मिली है। हालांकि आम लोग टिकट का दाम न बढ़ाए जाने को इस महंगाई में राहत मान रहे हैं।
वहीं विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस रेल बजट में न तो कोई नई ट्रेन चली न किसी ट्रेन का फेरा बढ़ा। इस रेल बजट से रेलवे को निजीकरण की ओर ले जाने की मंशा जाहिर होती है।
भाजपा नेताओं का मानना है कि रेल बजट में रेल यात्रा को और अधिक सुरक्षित बनाने का प्रयास किया गया है। रेल दुर्घटनाएं रोकने को मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर अलार्म की व्यवस्था से हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। महिला कोच में सीसीटीवी कैमरे लगने से महिलाएं अपने को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी। भाजपा नेता मानते हैं कि इस साल के रेल बजट में झूठी घोषणाओं के बजाय रेल सेवाओं में सुधार के ठोस प्रयास किए गए हैं। अमर उजाला ने रेल बजट पर प्रमुख राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों से प्रतिक्रिया ली।
रेल बजट निराशाजनक
रेल बजट में केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को कुछ भी नहीं दिया है। प्रदेश में एक भी नई ट्रेन बढ़ाई गई न ही किसी ट्रेन का फेरा ही बढ़ाया गया है। रेल सुविधाओं के विस्तार का कोई प्रस्ताव नहीं है। बजट बेहद निराशाजनक है। इससे आम यात्रियों को कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। धनवान यात्री जरूर सुविधा उठा सकेंगे।
- राघवेंद्र बहादुर सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
ट्रेनों की संख्या बढ़ती तो मिलती भीड़ से निजात
रेलबजट पूंजीपतियों और धनी यात्रियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। शताब्दी ट्रेनों में मनोरंजन की सुविधा देना कुछ ऐसा ही दर्शाता है। आम यात्रियों को ट्रेनों में भीड़ से निजात दिलाने के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। रेलवे का लाभ बढ़ाने का इंतजाम जरूर हुआ है।
अनुराग पटेल, जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी
रेल बजट केवल झुनझुना
रेल बजट बड़े लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। गरीबों और आम यात्रियों को इससे कोई फायदा मिलने वाला नहीं है। बजट पूरी तरह जनविरोधी है। जिला खीरी को तो छोड़िए पूरे उत्तर प्रदेश के लिए रेल बजट में कोई ऐसा प्रस्ताव नहीं है जिससे प्रदेश की जनता को लाभ मिलता। रेल बजट नहीं यह मात्र झुनझुना है।
- रामकुमार चौधरी, जिलाध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी
बजट में रेलमंत्री ने रखा सभी वर्गों का ध्यान
रेल बजट में महिलाओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। महिला कोच में सीसीटीवी लगाने और गर्भवती महिलाओं के लिए लोअर वर्थ का कोटा बढ़ाया जाना अच्छा कदम है। इसके अलावा रेल मंत्री ने रेलवे में साफ सफाई के लिए अलग विभाग बनाकर रेलवे को प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान से भी जोड़ा है।
- विनोद मिश्र, अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
सांसद ने कहा रेल बजट में सुरक्षा सुविधा का पूरा ध्यान
लखीमपुर खीरी। रेल बजट को लेकर जहां खीरी जिले में मायूसी है वहीं यहां के सांसद अजय मिश्र टैनी बजट की विशेषताएं गिनाते नहीं थक रहे हैं। उनका कहना है कि बजट में सभी वर्ग के यात्रियों का ध्यान रखा गया है। जबकि पूर्व सांसद ने इस बजट की कड़ी आलोचना करते हुए हुए कहा कि बजट से आम रेल यात्रियों को कोई राहत मिलने वाली नहीं है। यह बजट अगले साल के लिए आय व्यय का ब्योरा भर है।
रेलवे को निजीकरण की ओर ले जाने का प्रयास
रेल बजट में पहले से चल रही रेल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए धन का प्रावधान न किए जाने से आमान परिवर्तन के काम बाधित हो सकता है। पूरे देश में एक भी ट्रेन का संचालन न बढ़ाए जाने से ट्रेनों में भीड़ से निजात मिलने की उम्मीद नहीं है। पूरे बजट के जरिए रेलवे को निजीकरण की ओर ले जाने का प्रयास दिखता है। ट्रेनों के अंदर बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को रोकने की दिशा में भी कोई प्रयास नहीं किया गया है।
- जफर अली नकवी, पूर्व सांसद खीरी
अब रेल होगी अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक
रोकने के लिए अलार्म सिस्टम लागू किए जाने से हादसों पर विराम लगेगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने से महिलाओं की यात्रा सुरक्षित होगी। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए रेल बजट में किए गए प्रयास काफी सराहनीय हैं। रेल बजट में बुजुर्गों गर्भवती महिलाओं की सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
- अजय मिश्र टैनी, सांसद खीरी
रेल बजट ने उम्मीदों पर फेरा पानी
लखीमपुर खीरी। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जिला अरसे से बेहतर रेल सुविधाओं के लिए तरस रहा है। दो साल पहले ब्राडगेज की स्वीकृति मिलने से यहां लोगों की उम्मीदों को पंख लगे थे। हालांकि इस रेल बजट में खीरी जिले को कुछ भी न मिलने से लोगों को निराशा हुई। अमान परिवर्तन को गति देने का भी बजट में कोई प्रावधान न होने से लोग मायूस हैं।
रेल बजट में महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला कोच में सीसीटीवी लगाने, रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों की साफ-सफाई के लिए अलग विभाग बनाए जाने से लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की उम्मीद है। देश के 400 रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा मुहैया कराने की लोगों ने तारीफ की है। ट्रेन हादसे रोकने के लिए उठाए गए कदम को भी लोग रेलवे सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
हादसे रोकने के सार्थक प्रयास
मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर हादसे रोकने के लिए अलार्म सिस्टम लागू करने से रेल हादसों में कमी आएगी। बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए लोअर बर्थ का कोटा बढ़ने से उन्हें सहूलियत मिलेगी। रेल बजट में युवाओं, बुजुर्गों सहित सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है।
अजय कुमार शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष यूपी बार काउंसिल
बजट में कुछ नया नहीं
रेल बजट में नया कुछ भी नहीं है। बजट को लोक-लुभावन बनाने के प्रयास में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान ही नहीं दिया गया। पहले से चल रही रेल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए बजट में उल्लेख नहीं किया गया है। सुरक्षा के प्रयास सराहनीय हैं
डॉ. एससी मिश्र, पूर्व विभागाध्यक्ष राजनीति शास्त्र
महिलाओं से नहीं होगी छेड़छाड़
महिला कोच में सीसीटीवी कैमरे लगने से निश्चित ही ट्रेन के अंदर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं में कमी आएगी। महिला कोच के साथ-साथ अन्य कोच में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत है।
शालिनी गुप्ता, समाज सेवी
ट्रेनों की संख्या भी बढे़
रेल मंत्री ने रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने का प्रयास तो किया है लेकिन ट्रेनों में बढ़ रही भीड़ को कम करने का कोई प्रयास नहीं किया। ट्रेनों की संख्या में पर्याप्त इजाफा होना चाहिए था। साफ-सफाई के प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए।
क्षमा टंडन, शिक्षिका
बुजुर्गों, महिलाओं को राहत
रेल मंत्री ने अपने बजट में बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का खास ख्याल रखा है। इनके लिए लोअर बर्थ के आरक्षण कोटे में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। साथ ही ट्रेनों की गति बढ़ाने से यात्रा में समय कम लगेगा।
डॉ. कामिनी महेंद्रा, पूर्व आरआईजीएस
सीनियर सिटीजन और छूट मिले
बजट में सीनियर सिटीजन के लिए किराए में और अधिक रियायत की घोषणा बजट में होनी चाहिए थी। साथ ही बीमारों को इलाज के लिए ट्रेन से ले जाने की भी व्यवस्था होनी चाहिए थी। प्रत्येक ट्रेन में रेलवे विभाग की ओर से एक चिकित्सक की तैनाती होती तो अच्छा होता।
यज्ञदत्त मिश्र, पूर्व शिक्षक