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Lakhimpur Kheri News: दहशत का पर्याय बनी बाघिन शावक समेत पकड़ी गई

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पिंजरे में कैद बाघिन और शावक। संवाद - फोटो : शहर ​स्थित सीटी फाॅरेस्ट का मुख्य गेट। संवाद
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ममरी। कई दिनों की मशक्कत के बाद दहशत का पर्याय बनी बाघिन को शावक के साथ पकड़ लिया गया हैं। डॉक्टर और वनकर्मियों की निगरानी में सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।
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पिछले वर्ष माह अगस्त और सितंबर में ग्राम इमलिया निवासी किसान अमरेश कुमार और मूड़ा अस्सी निवासी किसान जाकिर अली को मौत के घाट उतारने वाली बाघिन ने 12 अप्रैल को ग्राम मूड़ा जवाहर निवासी किसान मुन्नालाल पर भी हमला करके गंभीर घायल कर दिया था।
इसके बढ़ते हमलों से क्षेत्र में इस कदर दहशत थी कि लोगों ने खेतों पर जाना बंद कर दिया था। बाघिन, शावक के साथ सरायन नदी की झाड़ी में मौजूद थी।
हालांकि वनकर्मी बाघिन को खदेड़ने की कोशिश में लगे थे, लेकिन कामयाबी नहीं मिलने पर क्षेत्रवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल 15 अप्रैल को गोला विधायक अमन गिरि के साथ लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला और उन्हें समस्या से अवगत कराया।
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मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को बाघिन पकड़वाने के निर्देश दिए। इतना सब होने के बाद बाघिन को रेस्क्यू करने की कार्यवाही शुरू हुई। रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि झाड़ी के आसपास खाबड़ भी लगाई गई थी। सोमवार की रात बाघिन का शावक जब खाबड़ में फंस गया तो विशेषज्ञ टीम ने उसे खाबड़ से निकाल कर पिंजरे में बंद कर लिया।
मंगलवार की शाम बाघिन जब शावक की तलाश में झाड़ी से बाहर निकली, तो एक्सपर्ट टीम के डॉक्टर दीपक और डॉक्टर दयाशंकर ने उसे ट्रैंक्युलाइज कर पिंजरे में बंद कर लिया। बताया कि पिंजरे में कैद शावक और बाघिन को वनकर्मियों और डॉक्टरों की निगरानी में सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। जिन्हें महफूज स्थान पर ले जाने के लिए अधिकारियों से विचार-विमर्श चल रहा है।
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