मझगईं। मझगई रेंज क्षेत्र में दो ग्रामीणों को निवाला बनाने वाली हिंसक बाघिन आठवें दिन भी वन विभाग के कैमरों और पिंजरों से दूर रही। हालांकि रविवार को गश्त के दौरान वनकर्मियों को घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर शारदा नदी पर बने रामनगर के पैंटून (पीपा) पुल के पास बाघिन की नई मूवमेंट मिली है। मझगई रेंज के खालेपुरवा गांव की कोकिला देवी और दुबहा के किसान रामदीन को मौत के घाट उतारने के बाद वन विभाग ने दोनों घटना स्थलों के पास तीन बड़े पिंजरे और नौ ट्रैप कैमरे लगाए थे।
पिंजरे में पड्डा भी बांधा गया, लेकिन शातिर बाघिन वहां दोबारा नहीं लौटी। इससे उसकी तस्वीर कैमरों में कैद नहीं हो सकी। उधर चौरी गांव के दुर्गा माता मंदिर के पास चरवाहों को बाघ दिखने से अनुमान है कि उसने इसी आस-पास आशियाना बना रखा है।
वन क्षेत्राधिकारी अंकित सिंह ने टीम के साथ प्रभावित इलाकों में गश्त जारी रखी है। उन्होंने बताया कि बाघिन वारदात के बाद पुराने स्थान पर नहीं लौटी है। अब रामनगर पैंटून पुल के पास नई हलचल मिलने के बाद वहां भी पिंजरा लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
वन विभाग पूरी मुस्तैदी से जुटा है और बाघिन को जल्द ही ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू कर लिया जाएगा।