दो दिन के अंदर बाघिन ने महिला समेत दो लोगों को बनाया निवाला
वन विभाग के भारी लावलश्कर की मौजूदगी में भी बाघिन लगातार कर रही हमले
लखीमपुर खीरी। सोमवार को खेत में धान की रोपाई कर रही एक महिला को बाघिन ने हमला कर मार डाला। इससे पहले रविवार को खेत में घास काटने गए एक युवक को बाघिन ने निवाला बना लिया था। बाघिन के ताबड़तोड़ हमलों से ग्रामीणों में रोष है। पिछले दस दिन के अंदर बाघिन चार लोगों की जान ले चुकी है।
तिकुनिया। ग्राम खैरेटिया के मजरा गांव खैरागोढी निवासी बंता सिंह की पत्नी मिंदर कौर (40) सोमवार दोपहर करीब तीन बजे अपने खेत में धान की रोपाई कर रही थीं तभी गन्ने के खेत से निकली बाघिन ने मिंदर को पकड़ लिया और गन्ने के खेत में खींच ले गई। महिला की चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए बाघिन का पीछा किया। इस पर बाघिन मिंदर के शव को छोड़कर गन्ने के खेतों में भाग गई।
घटना की सूचना पाकर डीएफओ सुंदरेश रेंजर विमलेश कुमार के अलावा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए देने से इनकार कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही एसडीएम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है।
घास काटने गए युवक को बाघ ने बनाया निवाला
निघासन। मंझरापूरब क्षेत्र में निघासन कोतवाली इलाके के नरेंद्रनगर बेली (तेलियार) गांव निवासी एक व्यक्ति को बाघ गन्ने के खेत में खींच ले गया। कई घंटों तक खोजबीन के बाद ग्रामीणों को खेत में उसका अधखाया शव बरामद हुआ।
नरेंद्रनगर बेली टपरा नंबर एक निवासी नगेंद्र सिंह (33) पुत्र रामसिंह अपनी पत्नी मीना और अन्य लोगों के साथ रविवार दोपहर बाद घास काटने खेतों में गया था। नगेंद्र सिंह दुमेड़ा मंझरा पूरब निवासी इतवारी दास के खेत में घास काट रहा था इसी दौरान बाघ ने हमला कर दिया। पत्नी मीना दूसरे खेत में घास काट रही थी। काफी देर बाद भी जब मीना को नगेंद्र सिंह नहीं दिखाई दिया तो उसने अन्य लोगों के साथ खेतों में तलाश की, लेकिन रात होने तक कुछ पता नहीं चल सका। गांव वालों को सूचना दी गई और रात में तमाम लोगों ने टार्च व लाठी डंडों के साथ खेतों में तलाश शुरू की। वन विभाग और पुलिस को भी सूचना दी गई। तलाश के दौरान रात करीब दस बजे बिछुली निवासी राजकुमार पाण्डेय के गन्ने के खेत में नगेंद्र का अधखाया शव बरामद हुआ। घटना से नाराज मृतक के परिजन ने बाघ को पकड़ने या मारने तक लाश को पोस्टमार्टम के लिए देने से इनकार कर दिया। डीएफओ ने किसी तरह से लोगों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति है काफी नाराजगी
शव मिलने के बाद परिजन से वन विभाग की हुई काफी नोंकझोंक के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वनकर्मी हाथियों की मदद से बाघ की तलाश में लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग बाघिन को पकड़ने के प्रति संजीदा नहीं है। वन विभाग की टीमों की मौजूदगी में बाघिन इंसानों को निवाला बना रही है। नरेंद्रनगर बेली में नगेंद्र सिंह की मौत से नाराज लोग वन विभाग और पुलिस से भिड़ गए। ग्रामीणों ने मुआवजा दिलाने और जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए काफी देर तक लोगों को ही पुलिस और वन विभाग के समझाने पर करीब दो घंटे बाद शव को ले जाने दिया। उधर, खैरागौढ़ी में भी मिंदर कौर की बाघ हमले में मौत से ग्रामीणों में खासी नाराजगी दिख रही है।