पलियाकलां। त्रिकौलिया और आसपास के इलाकों में दहशत का कारण बने बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग का अभियान तेज हो गया है, लेकिन उसकी लगातार बदलती लोकेशन टीम के सामने चुनौती बनी हुई है।
पैरों के निशान के आधार पर बाघ के हरीनगर की ओर बढ़ने की पुष्टि हुई है। बताया गया कि वह महिपालपुरवा की दिशा से आगे बढ़ा है। टीम अब नई लोकेशन पर फोकस कर सर्च ऑपरेशन चला रही है।
बाघ की सटीक स्थिति पता करने के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जा रहा है। घनी झाड़ियों में छिपे बाघ को बाहर निकालने के लिए दुधवा नेशनल पार्क से प्रशिक्षित हथिनी पवनकली और सुलोचना को बुलाया गया। मंगलवार को दोनों के साथ इलाके में सघन तलाश की गई, लेकिन बाघ सामने नहीं आया।
अभियान का नेतृत्व कर रहे डॉ. दयाशंकर ट्रैंक्युलाइज गन और डार्ट टीम के साथ मौके पर डटे हैं। पैरों के निशान के आधार पर टीम लगातार अपनी लोकेशन बदलते हुए बाघ की घेराबंदी की कोशिश कर रही है। रेंजर विनय कुमार सिंह ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील करते हुए खेतों में अकेले न जाने और बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की सलाह दी है।