ढ़ाका गांव के पास कैमरा लगाते वन कर्मी। संवाद
बांकेगंज। आबादी के अंदर घुसकर दो दर्जन से अधिक पालतू पशुओं को मारने वाले बाघ को पकड़ने के लिए एक हफ्ता पहले लगाए गए पिंजरे के पास वह नहीं फटका। वन विभाग ने अब बाघ को तलाशने के लिए रविवार को प्रभावित क्षेत्र में चार कैमरे लगाए गए हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल की आबादी से सटे बरौंछा नाला की झाड़ियों में पिछले दो माह से एक बाघ ने अपना ठिकाना बना रखा है। यह अक्सर हरदुआ, जटपुरा, महोलिया, खंजनपुर, कुकरा गांवों की आबादी क्षेत्र के घरों में घुसकर खूंटे से बंधे करीब दो दर्जन से अधिक पालतू पशुओं को अपना निवाला बना चुका है। इसे पकड़ने के लिए वन विभाग ने एक सप्ताह पहले हरदुआ गांव के पास पिंजरा लगाया था। इसके बाद से बाघ पिंजरे के पास तक नहीं फटका।
आबादी क्षेत्र में बाघ की सक्रियता से ग्रामीणों मेंं दहशत बरकरार है। इससे वन विभाग के प्रति लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उधर, ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए हरकत में आए वन विभाग ने बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए रविवार को हरदुआ और ढ़ाका गांव के पास चार कैमरे लगाए हैं।
रेंजर मैलानी साजिद हसन ने बताया कि लगाए गए कैमरों में बाघ की तस्वीर कैद होने के बाद उसकी लोकेशन का सही पता लग सकेगी। इसके बाद उसे पकड़ने के लिए आस-पास के क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाएगा।