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Lakhimpur Kheri News: जेल में बंद तीनों सपा कार्यकर्ताओं की हुई रिहाई, लोहिया भवन पर खिलाई गई मिठाई

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सपा नेताओं के जेल से छूटने के बाद लोहिया भवन के बाहर खुशियां मनाते पार्टी के पदाधिकारी। संवाद - फोटो : credit
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लखीमपुर खीरी। एक मई को कलक्ट्रेट परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंकने के मामले में जेल में बंद तीन सपा कार्यकर्ताओं संदीप वर्मा, सुधाकर लाला व रमन मनार की बुधवार शाम को सातवें दिन रिहाई हो गई। इस दौरान सपाइयों ने लोहिया भवन के बाहर एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाईं।
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जेल से बाहर आए सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि शांति भंग के मामले में सात दिन तक जेल में रखना, यह भाजपा की बौखलाहट है। उनका कहना है कि पूरी पार्टी ने एकजुट होकर रिहाई कराई है। वह लोग ऐसे ही पार्टी के हर आंदोलन में शामिल रहेंगे। इस दौरान पार्टी के जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, पूर्व विधायक रामसरन, मिर्जा शेखू, विनय मिश्रा, प्रवीण यादव, भूपेंद्र सिंह वर्मा समेत आदि सपा नेता मौजूद रहे।



दस-दस लाख रुपये के बांड पर रिहाई हुई मंजूर

तीनों सपा कार्यकर्ताओं की दस-दस लाख रुपये के बांड पर रिहाई मंजूर हुई है। बता दें कि सपा सांसद रामजी लाल सुमन पर जानलेवा हमले को लेकर आक्रोशित सपा कार्यकर्ताओं ने एक मई को प्रदर्शन किया था। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंक दिया था। वहीं सरकार विरोधी नारे भी लगाए थे।
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मामले में उसी दिन देर शाम पुलिस ने पूर्व अध्यक्ष छात्र संघ सदस्य जिला पंचायत संदीप वर्मा, सुधाकर लाला के अलावा रमन मनार सहित चार महिलाओं सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष प्रख्याति खरे, आरती जनवार, रन्नो देवी व मंजू को गिरफ्तार करते हुए उनका चालान किया था।

एसडीएम ने महिला कार्यकर्ताओं की जमानत मंजूर करते हुए तीनों युवकों को जेल भेज दिया था। तीनों की जमानत में ही रही देरी को लेकर हाईकोर्ट तक मामला पहुंचा, लेकिन इसके बाद भी जमानत नहीं हो सकी थी।
मामले में अधिवक्ता संघ ने भी नाराजगी जताते हुए बुधवार को डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल से मुलाकात करते हुए जमानत कराने की बात रखी। इस पर डीएम ने एसडीएम को दस दस लाख रुपये के बांड पर रिहाई मंजूर करने के आदेश दिए। इसके बाद तीनों की देर शाम रिहाई हो सकी।


हाईकोर्ट के डर से सातवें दिन भेजी रिहाई

लखीमपुर खीरी। जिला प्रशासन की मनमानी पर हाईकोर्ट के चाबुक ने असर दिखाया है। सपा नेता संदीप वर्मा को आखिर सातवें दिन रिहा कर दिया गया।
इससे पूर्व वकीलों के प्रतिनिधि मंडल ने कई बार एसडीएम सदर से मिलकर जेल में रखे गए अधिवक्ता साथी संदीप वर्मा की रिहाई करने की बात कही थी। इस बीच सपा नेता के भाई संजय वर्मा ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अपने अधिवक्ता साथी धीरेंद्र सिंह के माध्यम से बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका में डीएम और एसडीएम को पार्टी बनाते हुए दाखिल किया था।
इस पर उत्तर प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता ने जिला प्रशासन से जवाब मांगा था। जस्टिस विवेक चौधरी की बैंच ने बृहस्पतिवार को याचिका सुनवाई के लिए लगी हुई है। जवाब दाखिल करने के लिए आखिरकार सातवें दिन एसडीएम सदर ने सपा नेता संदीप वर्मा सहित तीनों आरोपियों की रिहाई जिला जेल भेज दी। संवाद
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