लखीमपुर/धौरहरा। मनरेगा कार्य में गड़बड़ी करना रोजगार सेवक को भारी पड़ गया। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर आरोपी रोजगार सेवक के खिलाफ ईसानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हालांकि इस फर्जीवाड़े में सचिव, प्रधान, एडीओ, बीडीओ सहित अन्य जिम्मेदारों को भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कार्रवाई सिर्फ रोजगार सेवक पर की गई है।
ईसानगर विकास खंड के कबिरहा गांव के प्राथमिक विद्यालय के पीछे तालाब की खुदाई और उसकी सफाई के नाम पर 629 मानव दिवस में 1.49 लाख रुपये के हेरफेर का मामला सामने आया था। मीडिया के माध्यम से यह मामला सुर्खियों में रहा तो रोजागर सेवक सहित प्रधान, सचिव, एडीओ और खंड विकास अधिकारी ईसानगर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
अफसरों ने जांच में पाया कि कबिरहा में तैनात रोजगार सेवक रामकुमार पुत्र खुशी राम ने 14 अप्रैल को फर्जी श्रमिकों को कार्यस्थल पर ले जाकर फर्जी हाजिरी एनएमएमएस एप से मनरेगा बेवसाइट पर अपलोड कर दी थी। इसके अलावा महिला मेट का फर्जी हाजिरी मस्टर रोल और एफटीओ प्रपत्रों पर सचिव के फर्जी हस्ताक्षर से 629 मानव दिवस का एक लाख 49 हजार 73 रुपये के भुगतान के लिए पत्रावली तैयार की गई थी। मामले का खुलासा होने पर सचिव अभिषेक कुमार की तहरीर पर रोजगार सेवक के खिलाफ ईसानगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
अकेले कैसे हो गया फर्जीवाड़ा
कबिरहा में हुए फर्जीवाड़े में सिर्फ रोजगार सेवक को ही दोषी ठहराया जा रहा है, जबकि प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक के हस्ताक्षर के बिना भुगतान नहीं निकल सकता। सभी का बराबर दोष है, बावजूद इसके सिर्फ रोजगार सेवक पर कार्रवाई की गई, जो सवालों के घेरे में है। सभी नोटिस प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक, एडीओ और खंड विकास अधिकारी को भी भेजे गए थे।
मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी पर रोजगार सेवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। अन्य लोगों के बारे में भी पता किया जा रहा है कि किस-किस की भूमिका संदिग्ध है। सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सुशांत सिंह, उपायुक्त मनरेगा