जवाहर नवोदय में छात्रों के प्रदर्शन का मामला, 15 दिन के अवकाश पर गईं प्रधानाचार्य
लखनऊ के सहायक आयुक्त ने विद्यालय में डाला डेरा
मितौली स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में पिछले दो दिन चले छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बाद तीसरे दिन हालात सामान्य रहे। शनिवार को आए सहायक आयुक्त करमचंद विद्यालय परिसर में ही रात रूके, जिसके बाद रविवार को भी परिसर में मौजूद रहे। हालांकि प्रदर्शन के पीछे असल कारणों के बारे में जांच अधिकारियों ने मीडिया के सामने चुप्पी साध रखी है। रविवार को अवकाश होने की वजह से छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर कोई प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन हालातों में सुधार की असल तस्वीर तो सोमवार को ही नजर आएगी।
बता दें कि जवाहर नवोदय विद्यालय में शुक्रवार की सुबह चार बजे से छात्रों ने प्रधानाचार्य को हटाने के लिए आंदोलन छेड़ते हुए उग्र प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने चेहरों को नकाब की तरह कपड़ों से ढककर नारेबाजी की थी। दोपहर डेढ़ बजे मितौली एसडीएम मंशाराम के प्रधानाचार्य अनीता कुमारी को हटाकर उप प्रधानाचार्य को चार्ज दिए जाने के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त किया था। इसके बाद शनिवार को पुन: प्रदर्शन करते हुए छात्रों ने प्रधानाचार्य को हटाने के लिए नारेबाजी कर सबको सकते में डाल दिया था। इसी दौरान सहायक आयुक्त करमचंद्र ने विद्यालय पहुंचकर छात्रों से कई दौर वार्ता करके उन्हें मनाने का प्रयास किया, जिसके बाद शाम छह बजे छात्रों ने खाना खाया था। इस दौरान छात्रों का एक गुट प्रधानाचार्य को हटाए जाने की मांग पर ही अड़ा रहा था, लेकिन सहायक आयुक्त के दो टूक जवाब दिया कि उच्चाधिकारियों के द्वारा ही कार्रवाई की जाएगी, जिससे छात्र शांत हो गए। वहीं प्रधानाचार्य अनीता कुमारी ने 15 दिन का अवकाश ले लिया है, जिससे उप प्रधानाचार्य आभा शुक्ला चार्ज संभाल रहीं हैं।
तो छात्र लांघ रहे अनुशासनहीनता की सीमा
एक छात्रा के नाम और फोटो से बनाई फर्जी फेसबुक आईडी
प्रधानाचार्य ने दोषी मिले छात्र को दो दिन किया था निष्कासित
जूनियर छात्रों ने लगाए थे अभद्र व्यवहार एवं रैगिंग के आरोप
मितौली। जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों के निशाने पर आईं प्रधानाचार्य अनीता कुमारी ने अमर उजाला से बातचीत में साइबर क्राइम, रैगिंग समेत कई चौंकाने वाले खुलासे किए। दो दिनों से प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों के कारनामों का चिट्ठा खोलते हुए प्रधानाचार्य ने परिसर में अनुशासनहीनता बर्दाश्त न किए जाने की बात कही।
बता दें कि रैगिंग के मामले का खुलासा करते हुए अमर उजाला ने शनिवार को ही प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, जिस पर अब प्रधानाचार्य के दावों और सुबूतों ने पुख्ता मुहर लगा दी है। 17 अगस्त 2016 को रैगिंग के दौरान सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों की पिटाई का मामला पूरी तरह निपटा भी नहीं था, कि 23 अगस्त 2016 को एक छात्र के साइबर क्राइम में लिप्त होने का खुलासा हुआ। जब एक छात्रा ने प्रधानाचार्य से लिखित शिकायत करते हुए कहा कि उसका नाम और फोटो लगाकर क्लास के ही एक छात्र ने फेसबुक आईडी बनाई है। शिकायत पर प्रधानाचार्य ने उप प्रधानाचार्य आभा शुक्ला के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम बनाकर जांच कराई, तो आरोपी छात्र ने लिखित तौर पर अपनी गलती स्वीकार कर ली। साथ ही उसने बताया कि 10 से 14 अगस्त के बीच हाउस के एक छात्र के मोबाइल से फेसबुक आईडी बनाई थी। जबकि उसे सिम एक अन्य छात्र ने दिया था। मामला एक छात्र और छात्रा के बीच जुड़ा होने से संवेदनशीलता दिखाते हुए जांच समिति ने विद्यालय अनुशासन प्रभारी पीईटी के दोनों शिक्षकों को शैक्षणिक अवधि में छात्र-छात्राओं की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने की आवश्यकता जताई। माहौल को नियंत्रित करने के लिए आरोपी छात्र पर कार्रवाई भी की गई थी। साथ ही घटना में संलिप्त अन्य छात्रों के अभिभावकों को जानकारी दी थी।
विद्यालय को अनुशासित रखना मेरा कर्तव्य है, जिसमें कोताही नहीं की जाएगी। छात्रों ने असल कारणों को छिपाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। विद्यालय के माहौल और आरोपों के खिलाफ रिपोर्ट डीएम आकाशदीप और एसी करमचंद्र को सौंपी गई है।
-अनीता कुमारी, प्रधानाचार्य