बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य गुरुवार को एक धड़े के मूल्यांकन के लिए तैयार होने के बाद भी नहीं हो पाया। दूसरे धड़े ने कोठार बंद करवाकर उसी के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जिले में बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य गुरुवार को शुरू हो जाने की उम्मीद थी। हालांकि शर्मा गुट के शिक्षक मूल्यांकन करने को तैयार हो गए, इन शिक्षकों की संख्या भी जिले में सबसे ज्यादा है लेकिन इसके बाद भी मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो पाया। गुरुवार को माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष बृजेंद्र्रनाथ शुक्ला और जिलामंत्री अरविंद वर्मा ने राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य से मिलकर मूल्यांकन करने की स्वीकृति दी। बृजेंद्र्र शुक्ला और अरविंद वर्मा ने बताया कि सरकार ने मूल्यांकन का भुगतान कराने, फरवरी के वेतन का भुगतान कराने और शिक्षकों का विनियमितीकरण करने का आश्वासन दिया है। विद्यार्थियों के हित को देखते हुए इसके बाद उनके संगठन ने मूल्यांकन कार्य गुरुवार से शुरू करने का निर्णय लिया है। यह शिक्षक राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य से मिलकर गुरुवार को कोठार से उत्तर पुस्तिकाएं लेने गए तभी बहिष्कार कर रहे शिक्षकों ने वहां जाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बहिष्कार कर रहे शिक्षकों ने कोठार बंद कर दिया और संगठन की महिलाएं कोठार के गेट के बाहर ही बैठ गईं। बहिष्कार कर रहे शिक्षकों ने कोठार के बाहर ही नारेबाजी शुरू कर दी। इससे मूल्यांकन कार्य
शिक्षक बोले, जारी रहेगा बहिष्कार
लखीमपुर खीरी। राजकीय इंटर कॉलेज में विरोध-प्रदर्शन कर रहे वित्तविहीन शिक्षकों के धरना स्थल पर लखनऊ मंडल के शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी भी पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों का हौसला बढ़ाया तथा मांगें न माने जाने तक बहिष्कार का ऐलान किया।
धरना स्थल पर शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव स्वयं मानदेय की घोषणा नहीं करते तब तक मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। आंदोलन में चंदेल गुट के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र्र सिंह के अलावा तमाम शिक्षक शामिल रहे। इसके अलावा वित्तविहीन शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कुलवंत सिंह चीमा, मंत्री रविंद्र श्रीवास्तव, महेंद्रनाथ राय, विजय त्रिपाठी, रामकृष्ण मिश्रा, विमल शर्मा, राजेंद्र सोनी, निर्मल सिंह, जितेंद्र सिंह, निर्मल सरदार और श्रवण वाजपेयी सहित तमाम लोग शामिल थे।