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अधीक्षक अपने क्षेत्र के बजाय दूसरे क्षेत्र के अवैध अस्पताल बंद कराएंगे

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अस्पतालों पर कार्रवाई का खेल रोकने के लिए अधीक्षकों के बदले गए हैं कार्यक्षेत्र
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सीएमओ बोले, इसके बाद भी अस्पताल चलते मिले तो अधीक्षक होंगे जिम्मेदार
लखीमपुर खीरी। जिले में अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों को बंद कराने के लिए सीएमओ ने अधीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस बदलाव में अधीक्षकों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह अपने क्षेत्र के बजाय दूसरे क्षेत्र के अवैध अस्पतालों को बंद कराएंगे। अगर बंद कराए अस्पताल खुले मिले तो अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी। अधिकार क्षेत्र में बदलाव के पीछे सीएमओ की मंशा अस्पताल खुलने बंद होने का खेल रोकने की है।
जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पंजीकरण के कई अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक और पैैथोलॉजी चल रही हैं। तमाम कवायद के बावजूद इन पर अंकुश भी नहीं लग पा रहा है, बल्कि इनकी संख्या दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है। हालांकि समय-समय पर अभियान चलाकर इन पर कार्रवाई की गई, लेकिन विभागीय सांठगांठ के चलते कई बार अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही संचालक अस्पताल में ताला डालकर भाग जाते हैं। वहीं अधिकारियों के अस्पताल सीज कराने के बाद स्थानीय विभागीय जिम्मेदार उन्हें फिर से खुलवा देते हैं। इस तरह की शिकायतें मिलने पर सीएमओ ने इन पर कार्रवाई के लिए सीएचसी अधीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव कर दिया है। इससे अधीक्षक अपने क्षेत्र के बजाय निर्धारित क्षेत्र में जाकर अवैध अस्पतालों को बंद करा सकेंगे। इसके बाद सीएमओ एवं एसीएमओ के निरीक्षण में अस्पताल खुला आदि मिलने पर संबंधित अधीक्षक पर कार्रवाई होगी।
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सीएचसी अधीक्षक - कार्यवाही के लिए आवंटित क्षेत्र
बिजुआ- पलिया
पलिया- निघासन
निघासन- रमियाबेहड़
खमरिया- धौरहरा
धौरहरा- नकहा
फरधान- फूलबेहड़
नकहा- ईसानगर
मितौली- बेहजम
बेहजम- मितौली
मोहम्मदी- पसगवां
पसगवां- मोहम्मदी
बांकेगंज- कुंभी गोला
गोला- बांकेगंज
रमियाबेहड़- बिजुआ
फूलबेहड़-फरधान
जिले में अवैध रूप से चल रहे अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी आदि को बंद कराने के लिए सीएचसी अधीक्षकों के निरीक्षण को लेकर कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। इसके बाद भी बिना पंजीकरण के अस्पताल चलते पाए जाने की जिम्मेदारी अधीक्षकों की होगी।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ
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