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छठे दिन भी बंद रही राजापुर मंडी में धान की आवक

Tue, 15 Nov 2016 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
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धान खरीद: जुगाड़ के आगे ऑनलाइन फीडिंग भी फेल - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा
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- बैंक लिमिट कम होने से भुगतान का संकट बरकरार
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- बृहस्पतिवार से मंडी खुलने की उम्मीद, चेक से भुगतान
पुराने नोट बंद होने से किसानों और मंडी पर भी असर पड़ा है, जिससे मंडी बंद हुए छह दिन बीत गए हैं। किसानों, आढ़तियों और मजदूरों से गुलजार रहने वाली मंडी में धान की आवक बिल्कुल बंद हो चुकी है, जिससे यहां सन्नाटा पसर गया है। बैंक से कैश न मिलने से परेशान आढ़तिये भी धान खरीद करने में असमर्थ हैं। हालांकि आढ़तियों ने ताजा हालात पर बैठक करने के बाद बृहस्पतिवार से मंडी में कामकाज शुरू करने की उम्मीद जताई है, जिसमें किसानों को नकद के बजाय चेक या आरटीजीएस से बैंक खातों में भुगतान करने का निर्णय लिया है।
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आठ नवंबर 2016 की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एलान बाद नौ नवंबर को जैसे-तैसे मंडी में धान खरीदा गया। इसके बाद 10 नवंबर 2016 से मंडी में धान खरीद बिल्कुल ठप हो गई थी। ऐसा नई करेंसी की उपलब्धता न होने से हुआ। इसकी खबर फैलते ही किसानों ने भी मंडी आना लगभग बंद कर दिया है, क्योंकि यहां कोई खरीददार ही नहीं है। आढ़तिए पुराने नोट को बदलने के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं धान खरीद बंद होने से सैकड़ों की संख्या में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों को झटका लगा हैं। आढ़ती संगठन के महामंत्री अमरीश गुप्ता ने कहा कि नई करेंसी उपलब्ध नहीं हो सकी है, क्योंकि बैंकों ने रुपये निकालने में दो हजार की लिमिट लगा रखी है। जबकि किसानों को भुगतान करने के लिए लाखों रुपये की जरूरत है। उन्होंने बताया कि बैठक में बृहस्पतिवार से मंडी खोलने का फैसला लिया गया है, जिसमें यह भी निर्णय हुआ है कि किसानों को चेक या आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। लिहाजा जो किसान इन स्थितियों में धान बेचना चाहे, वह बृहस्पतिवार से मंडी में अपना धान ला सकता है।
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