गोला गोकर्णनाथ (खीरी)। शिव मंदिर कॉरिडोर में श्रद्धालुओं की सुविधा और भव्यता को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग दिशा में पांच भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इनका अलग-अलग नाम भी रखा जाएगा। इनमें से दो का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
प्रवेश द्वारों पर आकर्षक डिजाइन वाले मार्बल और नक्काशीदार पत्थर लगाए जाएंगे। इससे कॉरिडोर की सुंदरता और अधिक निखरेगी। स्टेशन रोड से मुख्य द्वार बनेगा। शिव मंदिर परिसर के निकास द्वार पर वीआईपी गेट, शिव मंदिर के उत्तर पुजारी आवास की ओर छोटा द्वार का निर्माण होगा। तीर्थ के पूर्वी छोर पर पंडित नेहरू प्रतिमा के सामने छोटा द्वार, शिव मंदिर के पीछे प्राथमिक विद्यालय के सामने छोटे द्वार सहित कॉरिडोर में पांच मार्ग रहेंगे। सावन व विशेष उत्सवों पर मुख्य द्वार से ही आवागमन होगा। मुख्य व वीआईपी द्वार पर दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए रैंप रहेगा। इसके अलावा मुख्य द्वार के निकट पार्किंग स्थल और पौराणिक शिव मंदिर के सामने परिक्रमा पथ के मध्य आकर्षक पार्क का निर्माण कराया जाएगा। यह पार्क न सिर्फ कॉरिडोर की शोभा बढ़ाएगा, बल्कि आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेगा।
बता दें कि वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद गोला गोकर्णनाथ में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर 69.15 करोड़ रुपये के बजट से कॉरिडोर का दिसंबर, 2024 से निर्माण चल रहा है। बीच में कई अड़ंगों, त्योहार, पर्वों, सावन मेला के चलते निर्माण कार्य कई महीने बाधित रहा। काम में देरी पर प्रशासन ने ठेकेदारों पर तीन करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया था। इसके बाद काम में तेजी तो आई लेकिन माैजूदा समय में मकर संक्रांति के बाद श्रद्धालुओं की बढ़ी आवाजाही से काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
महाशिवरात्रि से पूर्व गोकर्ण तीर्थ व पाथ-वे पूर्ण करने की प्राथमिकता
कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के अनुसार, महाशिवरात्रि से पहले गोकर्ण तीर्थ व पाथ-वे का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जेई नितिन सिंह ने बताया कि यह काम प्राथमिकता पर चल रहा है। इससे महाशिवरात्रि पर आने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को दिक्कत न होने पाए। बाकी निर्माण कार्य भी तेज कराए जा रहे हैं। जेई अजय प्रताप सिंह ने बताया कि निर्माणाधीन मुख्य द्वार पर श्रमिकों, मशीनों के अलावा अन्य किसी भी अनावश्यक आवाजाही की मनाही की गई है। मना करने पर श्रमिकों को पीटा गया। निर्माण स्थल पर दुकान लगी होने के चलते राजस्थान से लाए गए पत्थर से भरा ट्रक मुख्य द्वार के बाहर कई दिन खड़ा रहा। इस कारण भी कार्य में दूरी हो रही है।
कॉरिडोर के निर्माणाधीन मुख्य द्वार के सामने खड़ा राजस्थान से लाए गए पत्थर भरा ट्रक। संवाद- फोटो : संवाद