सोमवार को दूसरे दिन भी आसमान में बादल छाए रहे। शहर समेत कुछ इलाकों में
मामूली बारिश हुई। एक बार फिर मौसम बिगड़ने से किसानों के माथे पर बल पड़
गए हैं। दिन का अधिकतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
सोमवार की सुबह से कई बार काले घने बादल छाए तो कई बार धूप निकलने का आभास हुआ, लेकिन दोपहर बाद बारिश होने लगी। हालांकि कुछ देर बाद बारिश थम गई। शाम को तेज हवा चलने लगी। इससे ठंड का अहसास हुआ। बैशाख माह में बारिश होने से किसान काफी चिंतित हैं, क्योंकि गेहूं की कटाई हो रही है। ऐसे में खेतों में गेहूं बर्बाद होने की आशंका बनी हुई है। किसानों का मानना है कि पानी बरसा तो बचा खुचा गेहूं भी बरबाद हो जाएगा।
गोला गोकर्णनाथ। आसमान में छाये बादलों से किसानों को खेतों में बची खुची फसल के भी चौपट हो जाने की आशंका से माथे पर बल पड़ गए हैं।
ममरी। आसमान में दो दिनों से छाए बादलों को देख किसानों का रोना है कि उनके खेतों में खड़ीलाही, मसूर, गेहूं की अगैती फसल बेमौसम बरसात में चली गई है किसान अभी बरबाद हुई फसलों की कटाई मड़ाई भी नहीं कर पाया था, उधर मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। यदि कही फिर ओलावृष्टि या बारिश हो गई तो खेतों में खड़ी अथवा कटी पड़ी पिछैती गेहूं फसल भी बर्बाद हो जाएगी। मौसम का कहर जारी रहा तो वह बेमौत मारे जाएंगे और बच्चे दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे। सभी किसानों की निगाहें अब मौसम के मिजाज पर टिकी हैं।