लखीमपुर खीरी। शहर में ई-रिक्शों की बढ़ती संख्या जहां आमजन के लिए सुलभ आवागमन का साधन बनी है, वहीं जिम्मेदार विभागों की अनदेखी ने इसे अव्यवस्था में बदल दिया है। ई-रिक्शों का न तो अब तक कोई रूट ही तय हो पाया है। न ही कोई स्थायी स्टैंड बनाया गया। नतीजतन चालक मनमाने ढंग से जहां-तहां यात्रियों को बैठाने और उतारने का काम कर रहे हैं। इससे शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति आम हो गई है।
लोगों का कहना है कि नगर पालिका और यातायात विभाग की उदासीनता ने समस्या को और बढ़ा दिया है। आमतौर पर देखा जाता है कि स्कूली समय और बाजारों में भीड़ के वक्त ई-रिक्शों की मनमानी से लंबा जाम लग जाता है। कई बार एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। चालकों के लिए कड़ी गाइडलाइन बनाई जानी चाहिए ताकि व्यवस्था कायम रह सके। यदि जिम्मेदार विभाग समय रहते इस ओर कदम नहीं उठाते, तो आने वाले दिनों में शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।
छह माह पहले पालिका ने तय किए थे रूट
करीब छह माह पहले नगर पालिका प्रशासन ने घोषणा की थी कि शहर में ई-रिक्शों के संचालन के लिए रूट तय किए जाएंगे। प्रमुख स्थानों पर स्टैंड बनाए जाएंगे। हालांकि नगर पालिका ने ई-रिक्शा पर नंबर डाले और रूट तय भी किया, लेकिन लापरवाही के कारण यह योजना आज तक कागजों से बाहर नहीं निकल सकी।
हालात यह हैं कि चालक बिना किसी नियंत्रण के धर्मशाला चौराहा, नौरंगाबाद चौराहा, मेला चौराहा, बस स्टैंड, फ्लाई ओवर, रेलवे स्टेशन, मुख्य बाजार और अस्पताल जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में मनमर्जी से खड़े हो जाते हैं। इससे न सिर्फ राहगीरों को दिक्कत होती है बल्कि ट्रैफिक पुलिस को भी बार-बार दखल देना पड़ता है। लोगों का कहना है कि ई रिक्शा चालकों को नियंत्रित करने के लिए नगर पालिका को जल्द से जल्द तय रूट और स्टैंड लागू करना चाहिए।
जहां भी ई-रिक्शा बेतरतीब खड़े होते हैं या उनकी वजह से जाम लगता है, उस जगह हमारी टीम पहुंचती है और कार्रवाई कर उन्हें सीज करती है। जाम लगने नहीं दिया जाता है। बाकी नगर पालिका रूट तय कर दे, उनके द्वारा बनाए गए जोन में चलेंगे उसका पालन हम सख्ती से कराएंगे। - सचिन गंगवार, यातायात प्रभारी
रोडवेज बस स्टेशन के सामने लगा जाम। संवाद