अप्रैल में ही मौसम मई-जून सा गर्म हो गया है। कड़ी धूप और गर्म हवाओं के कारण जिले मेें जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। आसमान से बरसती आग के कारण सुबह से ही सड़कें तपना शुरू हो जाती हैं। इसके चलते शुक्रवार को दिन में 11 बजे से सड़कों पर सन्नाटा छा गया। बाजारों में भी सन्नाटा रहा। भीषण गर्मी अब आम लोगों पर भारी पड़ने लगी है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.0 और न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शुक्रवार को सुबह सात बजे से ही सूरज तपना शुरू हो गया। 11 बजते-बजते पारा चढ़ा तो गर्मी से बुरा हाल हो गया। कड़ी धूप के कारण सड़कें तवे से तपने लगीं। घरों की छतें गर्म हो गईं। इससे जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त हो गया।
कड़ी धूप से बचने के लिए लोगों को छाते का सहारा लेना पड़ा। महिलाएं सड़कों पर पूरा बदन ढक कर निकलीं तो पुरुषों ने कैप और चश्मे का सहारा लिया। धूप बढ़ने के साथ शहर में धूप के चश्मों और कैप की बिक्री बढ़ गई है। शुक्रवार को दिन में 11 बजे से शाम चार बजे तक सन्नाटा पसरा रहा।