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Lakhimpur Kheri News: मादा गैंडा विजयश्री के गले से अभी नहीं निकाला जाएगा रेडियो कॉलर

Sun, 21 Dec 2025 11:24 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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बच्चे के साथ मादा गैंडा रिद्धी। स्रोत : वन विभाग
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बांकेगंज (खीरी)। मादा गैंडा विजयश्री के गले से अभी रेडियो कॉलर नहीं निकाला जाएगा। उसका बच्चा छोटा होने के कारण दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) प्रशासन ने निर्णय लिया है। अब उसका कॉलर मार्च 2026 तक निकाला जा सगता है।
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असम के काजीरंगा नेशनल पार्क की तर्ज पर डीटीआर के जंगल में भी स्वच्छंद विचरण के लिए गैंडों को आजाद किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके तहत पिछले साल एक नर और तीन मादा गैंडों के गले में रेडियो कॉलर लगाने के बाद उन्हें जंगल में छोड़ा गया था। इस यंत्र से उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही लगातार निगरानी की जा रही थी।
रेडियो कॉलर एक साल की अवधि के लिए लगाया जाता है। मादा गैंडा विजयश्री और रिद्धी गर्भवती थीं। इस बीच दोनों ने एक-एक शिशु को जन्म दिया, जिनकी उम्र करीब पांच-छह माह की है। इससे बाड़ के बाहर विचरण करने वाले गैंडों की संख्या बढ़कर छह हो गई।
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गैंडों के गले में लगे रेडियो कॉलर को निकालने के लिए तीन दिवसीय अभियान के तहत पिछले दो दिन के अंदर शनिवार तक एक नर नकुल, दो मादा रिद्धी व दीपिका कुल तीन गैंडों के रेडियो कॉलर सफलता पूर्वक निकाल दिए गए लेकिन रिद्धी के गले से रेडियो कॉलर निकाले जाने के बाद उसका पांच माह का बच्चा अलग होकर उससे भटक गया। काफी देर तक बच्चे के न दिखाई देने पर टाइगर रिजर्व प्रशासन की टीम परेशान हो गई। हाथियों के जरिये उसकी तलाश शुरू की गई। वनाधिकारियों को आशंका थी कि बच्चे पर कहीं बाघ ने हमला न कर दिया हो। बाद में बच्चा मिलने पर पार्क प्रशासन ने राहत की सांस ली।
इसके बाद रेडियो काॅलर से आजाद किए जाने के लिए आखिरी बची मादा गैंडा विजयश्री काे लेकर दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन की अध्यक्षता में गैंडा पुनर्वासन योजना कोर कमेटी की बैठक शनिवार रात हुई। इसमें दुधवा के उपनिदेशक जगदीश आर, डॉ. केके शर्मा, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के गैंडा संरक्षण कार्यक्रम के प्रमुख अमित शर्मा, पूर्वी तराई प्रमुख डॉ. मुदित गुप्ता आदि मौजूद रहे। उन्होंने तय किया कि विजयश्री का बच्चा छोटा होने के कारण उसका रेडियो कॉलर अभी नहीं निकाला जाएगा।
-दूसरे चरण में छह और गैंडे स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़े जाएंगे
दुधवा टाइगर रिजर्व के दक्षिण सोनारीपुर रेंज की ऊर्जा चालित बाड़ में 41 साल से रह रहे गैंडों को स्वच्छंद विचरण के लिए जंगल में छोड़े जाने का दूसरा अभियान अब मार्च 2026 में चलेगा। इसके तहत छह और गैंडों को छोड़ा जाना है। इसमें चार मादा और दो नर होंगे।
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एक नर व दो मादा कुल तीन गैंडों के रेडियो कॉलर निकाल दिए गए हैं। मादा गैंडा विजयश्री का बच्चा अभी छोटा है। रेडियो कॉलर की बैटरी 45 फीसदी होने के कारण उसे यंत्र से मार्च, 2026 में आजाद किया जाएगा। अगले चरण में छह और गैंडे मार्च में छोड़े जाएंगे।
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- डॉ. एच राजामोहन, एफडी, डीटीआर
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