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Lakhimpur Kheri News: ठंड में रजाई के बाजार ने ओढ़ा गर्म लिबास

Sun, 30 Nov 2025 12:09 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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कासिफ
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लखीमपुर खीरी। सर्दी के मौसम में रजाई के बाजार ने गर्म लिबास ओढ़ लिया है। सेहत के लिए नुकसानदेह न होने से रुई की रजाई लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। वहीं, फाइबर वाली आरामदेह होने के कारण लोगों को भा रही हैं।
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शहर के व्यापारियों का कहना है कि दुकानों में दोनों तरह की रजाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन ग्राहकों की पसंद में फर्क दिख रहा है। पारंपरिक रूई की रजाई अब भी काफी खरीदी जा रही हैं। फाइबर की रजाइयां अधिक गर्म, मुलायम और देखने में सुंदर होती हैं। इसलिए ग्राहक सर्द हवा से बचाव के लिए इन्हें भी खरीद रहे हैं। हालांकि, चिकित्सकों का कहना है कि फाइबर की रुई शरीर के लिए पूरी तरह लाभकारी नहीं होती। संवेदनशील लोगों में त्वचा या श्वसन संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकती हैं। इसके बावजूद बाजार में इसका चलन लगातार बढ़ रहा है।

कीमतों की बात करें तो रुई की सिंगल बेड की रजाई 350 रुपये से 600 रुपये तक मिल रही है, जबकि डबल बेड की रजाई की कीमत 1500 रुपये तक है। फाइबर की रजाइयों की शुरुआत 2200 रुपये से होती है। व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी तो बिक्री में और इजाफा देखने को मिलेगा।
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ठंड शुरू होते ही ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। इस बार लोग रुई की रजाइयों के साथ-साथ फाइबर वाली रजाइयों की भी खूब मांग कर रहे हैं। फाइबर रजाइयां हल्की होने के साथ ज्यादा गरमाती हैं।
- कासिफ, दुकानदार


रुई की रजाई हमेशा से लोगों की पहली पसंद रहती आई हैं, क्योंकि ये पारंपरिक और आरामदायक होती हैं। हालांकि, फाइबर रजाइयों के दाम ज्यादा होने के बावजूद इसकी बिक्री अच्छी है।
- शमी खान, दुकानदार
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सिंथेटिक फाइबर आमतौर पर कपास की तुलना में अधिक आसानी से आग पकड़ते हैं। संवेदनशील त्वचा या एलर्जी वाले व्यक्तियों के लिए ये हानिकारक हो सकती हैं। हालांकि, सार्वभौमिक रूप से खतरनाक नहीं हैं। प्राकृतिक विकल्पों की तुलना में वे कुछ स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी ठीक नहीं हैं।
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-डॉ. शिखर बाजपेई

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